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अबू धाबी में शांति वार्ता से पहले यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर रूस का भीषण हमला, मर्ज ने मॉस्को से बातचीत में शामिल होने की अपील की

कीव/बर्लिन, 5 नवंबर: अमेरिका की मध्यस्थता में प्रस्तावित शांति वार्ता से ठीक पहले रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। मंगलवार रात रूस ने सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइलों से यूक्रेन के विभिन्न इलाकों में बिजली संयंत्रों और सबस्टेशनों को निशाना बनाया। हमलों के कारण देश के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। उल्लेखनीय है कि आगामी 10 और 11 नवंबर को अबू धाबी में अमेरिका की मध्यस्थता में रूस-यूक्रेन शांति वार्ता फिर से शुरू होने वाली है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि सोमवार को रूस ने जापोरिजिया क्षेत्र के अग्रिम मोर्चे के निकट कोमिशुवाखा गांव में राहत सामग्री वितरण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे एक स्कूल पर दो बार बमबारी की। इस हमले में कम से कम 33 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने आशंका जताई कि करीब 50 लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।

वहीं, रूसी अधिकारियों ने दावा किया कि यूक्रेन ने रात के दौरान यारोस्लाव शहर स्थित एक प्रमुख तेल रिफाइनरी में आग लगा दी।

रूस के कब्जे वाले ओलेश्की शहर में अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की मदद से हुए संक्षिप्त मानवीय युद्धविराम की अवधि समाप्त होने के दो दिन से भी कम समय बाद ये हमले हुए हैं। ऐसे घटनाक्रम को आगामी शांति वार्ता के लिए अनुकूल नहीं माना जा रहा है।

रूस ने दावा किया कि उसकी सेना ने जापोरिजिया क्षेत्र के कोमिशुवाखा और दो अन्य बस्तियों के आसपास यूक्रेनी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। मंगलवार को जारी बयान में रूस ने कहा कि हमलों में यूक्रेन के 25 सैनिक मारे गए हैं। इसके अलावा 15 सैन्य वाहनों और एक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध केंद्र को भी नष्ट किया गया है।

बर्लिन में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में जेलेंस्की ने कहा कि रूस का हमला दर्शाता है कि मॉस्को ओलेश्की के आसपास हुए मानवीय युद्धविराम को आगे बढ़ाने के बजाय लोगों की जान लेने में लगा हुआ है।

यूक्रेन, सहयोगियों, अमेरिका और रूस के बीच बैठकों का दौर

अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप की वापसी और अमेरिका की ओर से वित्तीय सहायता वापस लिए जाने के बाद जर्मनी रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन का सबसे बड़ा समर्थक बनकर उभरा है।

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने प्रस्तावित वार्ता को युद्ध समाप्त करने की दिशा में सही कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस शांति प्रक्रिया में यूरोप की भागीदारी भी जरूरी है।

मर्ज ने कहा, “लेकिन मैं यह भी कहना चाहूंगा कि रूस के लिए अब युद्धविराम और उसके बाद शांति समझौते को लेकर गंभीर बातचीत में शामिल होना बेहद जरूरी है। अभी तक मुझे इसकी कोई इच्छा दिखाई नहीं दी है।”

प्रस्तावित वार्ता से पहले यूरोपीय आयोग ने बुधवार को अमेरिका, नाटो, यूरोपीय सहयोगी देशों और यूक्रेन के साथ एक बैठक आयोजित करने की घोषणा की है। जेलेंस्की के अनुसार, बैठक में यूक्रेन की समृद्धि योजना और सुरक्षा गारंटी पर चर्चा होगी। इसके अलावा नाटो ने गुरुवार को आगे की बातचीत आयोजित करने की बात कही है।

जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने रातभर में यूक्रेन पर 289 ड्रोन, 17 बैलिस्टिक मिसाइलें और 59 क्रूज मिसाइलें दागीं। इन हमलों में दक्षिण में काला सागर के बंदरगाह शहर ओडेसा से लेकर पश्चिमी यूक्रेन के रिव्ने तक बिजली संयंत्रों और सबस्टेशनों को निशाना बनाया गया।

यूक्रेन की सबसे बड़ी निजी बिजली उत्पादन कंपनी डीटीईके ने बताया कि उसके पांच ताप विद्युत संयंत्रों में से तीन काम करना बंद कर चुके हैं।

कीव के मेयर विताली क्लिचको ने टेलीग्राम पर जानकारी देते हुए शहर की बिजली आपूर्ति की स्थिति को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि रूस लगातार यूक्रेन की एकीकृत ऊर्जा व्यवस्था को नष्ट करने की कोशिश कर रहा है। बिजली उत्पादन क्षमता और ट्रांसमिशन लाइनों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हाल के दिनों में कीव और आसपास के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को भी क्षति पहुंची है, जिसके चलते आपातकालीन बिजली कटौती लागू करनी पड़ी है।

यूक्रेन के ऊर्जा मंत्री डेनिस श्मिहाल ने पश्चिमी देशों के राजदूतों के साथ बैठक के बाद बताया कि रूसी सेना ने खमेलनित्स्की परमाणु ऊर्जा संयंत्र के संचालन के लिए महत्वपूर्ण एक सबस्टेशन की दिशा में तीन ड्रोन भेजे।

उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई न केवल यूक्रेन बल्कि पूरे यूरोप की परमाणु सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती है। खमेलनित्स्की यूक्रेन के चार परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में से एक है। इनमें जापोरिजिया परमाणु संयंत्र भी शामिल है, जिस पर फरवरी 2022 में रूस के आक्रमण के शुरुआती दिनों से ही रूसी नियंत्रण है।

पिछली सर्दियों में रूसी हमलों के कारण लाखों यूक्रेनी नागरिकों को कई दिनों तक बिजली और हीटिंग की सुविधा से वंचित रहना पड़ा था। अब एक बार फिर सर्दी का मौसम नजदीक आने के साथ लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। कई शहरों में पहले से ही लंबे समय तक बिजली कटौती हो रही है।

मध्य यूक्रेन के निप्रो शहर की 49 वर्षीय निवासी ओल्गा हिरिया ने कहा, “इस बार की सर्दी बेहद कठिन होने वाली है। रूस बिजली संयंत्रों और हीटिंग संयंत्रों पर हमले कर रहा है। इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।”

क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, निप्रो में हुए हमलों में दो लोगों की मौत हुई है और करीब 20 लोग घायल हुए हैं।

यूक्रेन के प्रधानमंत्री सर्गेई कोरेत्स्की ने बताया कि हमलों में एक रेलवे स्टेशन, यात्री डिब्बों और इंजनों को भी निशाना बनाया गया।

अमेरिकी चुनाव के दिन रूस के हमले, जेलेंस्की ने सहयोगियों से मांगी अतिरिक्त हवाई सुरक्षा

जेलेंस्की ने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण है कि रूस के ये हमले अमेरिका में कांग्रेस चुनाव के दिन हो रहे हैं। उन्होंने पश्चिमी सहयोगी देशों से यूक्रेन को अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणाली उपलब्ध कराने की अपील की।

उन्होंने कहा, “रूसियों को लगता है कि अमेरिका उनके इस संदेश पर ध्यान नहीं देगा। लेकिन इस तरह के आतंक को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि इसे रोकना जरूरी है।”

रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने यूक्रेन के कई क्षेत्रों में उन बिजली प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया, जो सैन्य कारखानों और यूक्रेनी सेना को बिजली आपूर्ति करते हैं।

चार साल से अधिक समय से जारी युद्ध के दौरान रूस लगातार यूक्रेन की ऊर्जा व्यवस्था को निशाना बनाता रहा है। इन हमलों में बिजली उत्पादन केंद्रों, वितरण नेटवर्क और हीटिंग सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। सर्दियों का मौसम नजदीक आने के साथ हमलों की तीव्रता भी बढ़ती रही है।

वहीं, यूक्रेन ने इस वर्ष रूस की तेल रिफाइनरियों पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार रात का रूसी हमला युद्ध के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक था। इसके कारण राजधानी कीव सहित कम से कम छह अन्य क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। राजधानी में पानी की आपूर्ति और परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।

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