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“देश के भविष्य की दिशा को लेकर गंभीर चिंताएं हैं”: ओहायो के गवर्नर चुनाव में हार स्वीकार करने के बाद बोले विवेक रामास्वामी

वॉशिंगटन, 4 नवंबर: अमेरिका के मध्य-पश्चिमी राज्य ओहायो के गवर्नर चुनाव में भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन के हाथों पराजय स्वीकार करने के बाद रामास्वामी ने देश के भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के मजबूत समर्थन के बावजूद चुनाव हारने के बाद रामास्वामी ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, “मुझे आपको बताना है कि हमारे देश का भविष्य किस दिशा में जा रहा है, इसे लेकर मुझे गंभीर चिंताएं हैं। इस वास्तविकता से बचा नहीं जा सकता।”

हालांकि, चुनावी हार के बावजूद उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी। रामास्वामी ने कहा, “हमारे देश के इतिहास में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। लेकिन मेरा विश्वास है कि अंततः हमने हमेशा आगे बढ़ने और बेहतर भविष्य का रास्ता खोज लिया है।”

गौरतलब है कि वर्ष 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ने ओहायो में बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। ऐसे राज्य में रामास्वामी की हार को रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

चुनाव के अंतिम नतीजों के अनुसार, 60 वर्षीय चिकित्सक और ओहायो की पूर्व स्वास्थ्य निदेशक एमी एक्टन को लगभग 51 प्रतिशत वोट मिले, जबकि रामास्वामी को 46 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। लिबर्टेरियन उम्मीदवार डॉन किसिक को करीब 3 प्रतिशत वोट मिले।

इस जीत के साथ एमी एक्टन ओहायो के इतिहास में पहली महिला गवर्नर निर्वाचित हुई हैं। साथ ही वर्ष 2006 के बाद पहली बार किसी डेमोक्रेट उम्मीदवार ने राज्य के गवर्नर पद पर जीत दर्ज की है।

वर्ष 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ओहायो में ट्रंप को 11 प्रतिशत मतों की बढ़त मिली थी। इसके मुकाबले इस बार डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में लगभग 16 प्रतिशत अंकों का स्विंग देखने को मिला।

पराजय स्वीकार करते हुए रामास्वामी ने बताया कि उन्होंने एमी एक्टन से संपर्क कर उन्हें जीत की बधाई दी है। उन्होंने अपने चुनाव प्रचार अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों और समर्थकों का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पद पर नहीं रहने के बावजूद वह ओहायो के लोगों की सेवा जारी रखेंगे।

उन्होंने अपने माता-पिता, पत्नी अपूर्वा, तीन बच्चों और अपने चुनावी सहयोगी एवं ओहायो सीनेट के अध्यक्ष रॉब मैककॉली के प्रति भी आभार जताया।

41 वर्षीय उद्यमी विवेक रामास्वामी वर्ष 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार बनने की दौड़ में शामिल होने के बाद राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा में आए थे। यदि वह चुनाव जीतते, तो ओहायो के पहले भारतीय मूल के गवर्नर बनने का गौरव हासिल करते।

रामास्वामी के चुनाव प्रचार में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पूरी ताकत झोंक दी थी। 28 अक्टूबर को चिलिकोथ में आयोजित एक चुनावी रैली में ट्रंप ने कहा था, “छह दिन बाद ओहायो के लोग विवेक रामास्वामी को अपना गवर्नर चुनने जा रहे हैं।”

इसके बाद 31 अक्टूबर को ट्रंप ने टेलीफोन के माध्यम से भी चुनाव प्रचार कर उनका समर्थन किया। वहीं, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस 2 नवंबर को अपने गृह राज्य ओहायो पहुंचे और स्वांटन में चुनाव से एक दिन पहले आयोजित रैली में रिपब्लिकन उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने की अपील की।

हालांकि, ट्रंप और वेंस के जोरदार समर्थन के बावजूद रिपब्लिकन पार्टी को निराशा हाथ लगी। गवर्नर चुनाव के अलावा सीनेट चुनाव में भी पार्टी को झटका लगा। डेमोक्रेटिक नेता शेरोड ब्राउन ने रिपब्लिकन उम्मीदवार एवं सीनेटर जॉन हस्टेड को पराजित कर दिया।

चुनाव के अंतिम चरण में रामस्वामी का प्रचार अभियान भी विवादों में घिर गया था। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन की उनसे अलग रह रही मां को लेकर एक विवादित विज्ञापन जारी किया गया था, जिसमें एक्टन पर बेईमानी करने का आरोप लगाया गया था। इस विज्ञापन की राजनीतिक गलियारों में व्यापक आलोचना हुई। निवर्तमान रिपब्लिकन गवर्नर माइक डिवाइन ने भी इसकी कड़ी आलोचना की थी। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने विज्ञापन के इस्तेमाल के रामस्वामी के फैसले का बचाव किया था।

चुनावी अभियान के दौरान रामस्वामी ने करों में कटौती, सरकारी नियमों में कमी और सार्वजनिक खर्च घटाने का वादा किया था। दूसरी ओर, एमी एक्टन ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, महंगाई और जीवनयापन की लागत कम करने, शिक्षा तथा कामकाजी परिवारों को आर्थिक राहत देने जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया।

अपनी चुनावी दावेदारी को मजबूत करने के लिए रामस्वामी ने निजी संपत्ति से भी भारी रकम खर्च की। सितंबर के अंत तक वह अपने चुनाव प्रचार अभियान में 3.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि ऋण के रूप में लगा चुके थे।

विवेक रामस्वामी का जन्म 1985 में ओहायो के सिनसिनाटी में हुआ था। उनके माता-पिता भारतीय मूल के प्रवासी हैं और उनका पैतृक संबंध केरल के पलक्कड़ जिले के वडक्कनचेरी से है।

उनके पिता वी.जी. रामस्वामी ने केरल में शिक्षा पूरी करने के बाद इंजीनियर के रूप में काम करने के लिए अमेरिका का रुख किया था। वहीं, उनकी मां गीता रामस्वामी पेशे से मनोचिकित्सक हैं।

रामस्वामी हार्वर्ड विश्वविद्यालय और येल लॉ स्कूल के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने वर्ष 2014 में बायोटेक्नोलॉजी कंपनी ‘रोइवेंट साइंसेज’ की स्थापना की थी। अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के इस नेता की बढ़ती लोकप्रियता और ओहायो चुनाव में उनकी हार ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

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