♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

सोशल ऑडिट सलाहकार निकाय (एसएएबी) की पहली बैठक आयोजित की गई

ऑनलाइन डेस्क, 22 जनवरी 2024: सोशल ऑडिट सलाहकार निकाय (एसएएबी) की पहली बैठक का आयोजन 18 जनवरी, 2024 को कॉन्फ्रेंस हॉल, डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में हुआ। इस बैठक की अध्यक्षता सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव ने की। यह सलाहकार निकाय, जो अपनी तरह का पहला सलाहकार निकाय है, मंत्रालय को उसकी विभिन्न योजनाओं के लिए सामाजिक ऑडिट को संस्थागत बनाने में मार्गदर्शन करने के लिए स्थापित किया गया है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, दिव्यांगजनों के विभाग, महिला और बाल विकास मंत्रालय, सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय, राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान, टाटा सामाजिक विज्ञानसंस्थान, डेल्ही स्कूल ऑफ सोशल वर्क और भारतीय लोक प्रशासन संस्थान सहित प्रमुख मंत्रालयों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि इस सलाहकार निकाय के सदस्य हैं।

बैठक की शुरुआत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डिफेंस (एनआईएसडी) के निदेशक के स्वागत भाषण से हुई। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग की सांख्यिकी प्रभाग की उप महानिदेशक-सह- (एसएएबी) की संयोजक सुश्री प्रतिमा गुप्ता ने पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने में इस सामाजिक जवाबदेही उपकरण के महत्व पर बल देते हुए, सामाजिक ऑडिट का एक सामान्य विवरण प्रस्तुत किया।

संयुक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार, श्री संजय पांडे ने प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए, विभाग के अंदर सामाजिक ऑडिट को संस्थागत बनाने की यात्रा पर अंतर्दृष्टि साझा की।

मुख्य भाषण में सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के सचिव ने सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने और नागरिकों की आवाज़ को बढ़ाने में सामाजिक ऑडिट प्रक्रियाओं की परिवर्तनकारी शक्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने पारदर्शिता लाने और नागरिकों से मिली बहुमूल्य प्रतिक्रियाओं के आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई करने में सामाजिक ऑडिट की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने राज्य स्तर पर समर्पित सामाजिक ऑडिट इकाइयों के माध्यम से सामाजिक ऑडिट सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय सामाजिक ऑडिट संसाधन सेल (एनआरसीएसए) की स्थापना करके एक अग्रणी कदम उठाया है। एनआरसीएसए दल ने विभाग द्वारा विकसित और कार्यान्वित सामाजिक ऑडिट प्रक्रियाओं के दृष्टिकोण और योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन पर उनके महत्वपूर्ण प्रभाव को प्रस्तुत किया।

एसएएबी के सदस्यों ने सामाजिक ऑडिट प्रक्रिया को मजबूत करने और इसे सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के और अनुरूप बनाने के लिए बहुमूल्य सुझाव दिए। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के सचिव ने समर्पित कार्य और सामाजिक ऑडिट के लिए अपनाई गई नई पहलों के लिए अपनी टीम की सराहना की और आशा व्यक्त की कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के तहत इन सामाजिक ऑडिट्स की सफलता अन्य सरकारी विभागों के लिए एक मार्गदर्शक उदाहरण के रूप में भी काम कर सकती है।

 

PIB

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129