
सूचना एवं संस्कृति विभाग द्वारा रवींद्रनाथ टैगोर की 162वीं जयंती समारोह आयोजित, मानवता के प्रतिमान थे रवींद्रनाथ : पूर्व उपमुख्यमंत्री
ऑनलाइन डेस्क, 9 मई, 2023। रवींद्रनाथ टैगोर साहित्य और संस्कृति के एक चमकते सितारे हैं। उनकी रचनाओं की देश और दुनिया भर में सराहना होती है। अतः वे विश्व कवि हैं। रवींद्रनाथ टैगोर का जितना अध्ययन होगा उतना लाभ वर्तमान पीढ़ी को होगा।
यह बात पूर्व उपमुख्यमंत्री यिष्णु देववर्मा ने आज रवीन्द्र शताब्दी भवन के सभागार संख्या 2 में सूचना एवं संस्कृति विभाग द्वारा कवि गुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर की 162वीं जयंती के अवसर पर कवि प्रणाम समारोह में कही।
समारोह प्रारंभ होने से पूर्व पूर्व उपमुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों ने कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूर्व उपमुख्यमंत्री यिष्णु देबवर्मा ने इस अवसर पर कहा, रवींद्रनाथ मानवता के अवतार थे।
रवींद्रनाथ और त्रिपुरा एक साथ बंधे हैं। रवींद्रनाथ टैगोर भी कई बार त्रिपुरा के साथ खड़े रहे क्योंकि त्रिपुरा के राजाओं ने रवींद्रनाथ टैगोर की मदद की।
कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि को संबोधित करते हुए अगरतला पूर्णिगम के मेयर दीपक मजुमदार ने कहा, रवींद्रनाथ एक कवि हैं। इस समय रवीन्द्र साधना अत्यंत आवश्यक है। विशिष्ट अतिथि के उद्बोधन में सूचना एवं संस्कृति विभाग के सचिव ने कहा।
पीके चक्रवर्ती ने कहा, रवींद्रनाथ केवल कवि नहीं थे। वह बहु-प्रतिभाशाली थे। अगरतला में बांग्लादेश सहायक उच्चायोग के सहायक उच्चायुक्त श्री आरिफ मोहम्मद ने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर ने साहित्य और संस्कृति के सभी वर्गों को समृद्ध किया है।
सूचना एवं संस्कृति विभाग के निदेशक रतन विश्वास ने इस अवसर पर स्वागत भाषण दिया। इस बीच आज शाम रवींद्र शताब्दी भवन में रवींद्रनाथ टैगोर की 162वीं जयंती के उपलक्ष्य में गोष्ठी का आयोजन किया गया।
संगोष्ठी में डॉ. ‘राजपरीवर और रवींद्रनाथ’ के बारे में चर्चा की। सौरीश देबवर्मा। इसके अलावा, अगरतला महिला महाविद्यालय की सेवानिवृत्त प्राध्यापक ने ‘जीवनस्मृति-रवींद्रनाथ के कवि जीवन’ के बारे में चर्चा की।
नारायण भट्टाचार्य. संगोष्ठी की अध्यक्षता सूचना एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त निदेशक संजीव चकमा ने की। गौरतलब है कि रवींद्रनाथ टैगोर की 162वीं जयंती समारोह के अवसर पर कल सूचना एवं संस्कृति विभाग की पहल पर चित्रांकन, सामूहिक गायन, सामूहिक रवींद्र संगीत, अचानक भाषण, सामूहिक रवींद्र नृत्य और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में अतिथियों ने प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।








