♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

हनपनिया अंतर्राष्ट्रीय मेला मैदान में 41वां अगरतला पुस्तक मेला संपन्न हुआ

ऑनलाइन डेस्क, 5 अप्रैल 2023। 41वें अगरतला पुस्तक मेले का समापन समारोह आज तो मेले में हर तरफ उदासी का साया है। विजयादशमी की तरह पुस्तक मेला त्योहारों या परबन में से एक है।

हर साल दुर्गा पूजा की तरह हम पुस्तक मेले का इंतजार करते हैं त्रिपुरा विधान सभा के अध्यक्ष विश्वबंधु सेन ने आज 41वें अगरतला पुस्तक मेले के सम्मान और समापन समारोह में यह बात कही।

समापन समारोह में उन्होंने यह भी कहा कि पुस्तक मेले से पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित होगी। रवींद्रनाथ और नज़रुल की रचनाएँ आज भी हमें आंदोलित करती हैं आयोजन में पूर्व उपमुख्यमंत्री यिष्णु देववर्मा ने कहा, जब तक मानव सभ्यता है तब तक किताबें पढ़नी चाहिए।

यहां कोई विकल्प नहीं है। कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किताबें कैसे पढ़ते हैं, पारंपरिक किताबें कालातीत होती हैं। दुनिया को जानने के लिए किताबें पढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा, पारंपरिक किताबों में लेखक और पाठक आमने-सामने होते हैं।

पुस्तक मेले का आयोजन इस पारंपरिक पुस्तक के साथ किया जाता है। 41वें अगरतला पुस्तक मेले के समापन समारोह में बांग्लादेश के प्रख्यात बुद्धिजीवी एकुशे मेडलिस्ट सुभाष सिंह रॉय ने कहा, अगरतला मेरे लिए एक अनुभूति का स्थान है।

अगरतला का नाम मुक्ति संग्राम से जुड़ा है। 1971 के मुक्ति संग्राम में बांग्लादेश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों ने अगरतला में शरण ली थी। इस शहर के प्रति हमारी कृतज्ञता अनंत है।

उन्होंने अगले अगरतला पुस्तक मेले के एक दिन को बांग्लादेश दिवस के रूप में मनाने के लिए आवेदन किया। सूचना एवं संस्कृति विभाग के सचिव ने अन्य लोगों के साथ बात की। पीके चक्रवर्ती।

सूचना एवं संस्कृति विभाग के निदेशक रतन विश्वास ने स्वागत भाषण दिया पुस्तक मेले के समापन समारोह में विधायक मीना रानी सरकार, ऑल त्रिपुरा बुकसेलर्स एंड पब्लिशर्स एसोसिएशन के सचिव उत्तम चक्रवर्ती, त्रिपुरा पब्लिशर्स गिल्ड के सचिव अजीत देबबर्मा और पब्लिशर्स एंड बुकसेलर्स एसोसिएशन के सचिव राखल मजूमदार उपस्थित थे।

पुस्तक मेले के बारहवें दिन कल 13 लाख 69 हजार 471 रुपये मूल्य की पुस्तकें बिकीं इन 12 दिनों में कुल 1 करोड़ 27 लाख 89 हजार 585 रुपये की बिक्री हुई।पुस्तक मेले के समापन समारोह में समाज, साहित्य, संस्कृति, संगीत और साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाली 17 हस्तियों को सम्मानित किया गया। कला।

इस वर्ष का महाराजा वीर विक्रम किशोर माणिक्य बहादुर स्मृति पुरस्कार विष्णु देबवर्मा को दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष विश्वबंधु सेन ने उन्हें पुरस्कार दिया मरणोपरांत पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय एकता पुरस्कार स्वर्गीय डॉ. एचएस रॉय चौधरी को।

पुत्र होमग्नि शंकर रॉय चौधरी ने उनकी ओर से पुरस्कार स्वीकार किया। मरणोपरांत अटल बिहारी वाजपेयी लाइफटाइम मेमोरियल अवार्ड स्वर्गीय भूपेंद्र चंद्र दत्त भौमिक को दिया गया। उनकी ओर से बेटे विराट दत्ता भौमिक ने पुरस्कार स्वीकार किया।

स्वर्गीय हरे कृष्ण रे को मरणोपरांत सचिन देववर्मन स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया। उनकी ओर से मंजू राय ने पुरस्कार स्वीकार किया।

साथ ही देवव्रत भट्टाचार्य को धीरेंद्र कृष्ण देववर्मन मेमोरियल अवार्ड, ज्योतिर्मय दास को सलिल कृष्ण देववर्मन मेमोरियल अवार्ड, गोपाल चंद्र बिस्वास को कलिकिंगार देववर्मन मेमोरियल अवार्ड, रामकृष्ण देबनाथ को त्रिपुरेश मजूमदार मेमोरियल अवार्ड, श्यामोली देववर्मा को भीष्मदेव भट्टाचार्य मेमोरियल अवार्ड, डॉ. उत्तम साहा को ललन पुरस्कार, सुमंत कुमार त्रिपुरा को अश्विनी कुमार विश्वास मेमोरियल यूथ अवार्ड, यदु भूषण शुक्लादास को अजीत मजूमदार मेमोरियल यूथ अवार्ड, अजय देबनाथ को सत्यराम रियांग यूथ अवार्ड और राजेश सिन्हा को सुमंगल सेन मेमोरियल यूथ अवार्ड।

इसके अलावा, त्रिपुरा बानी प्रकाशन को सर्वश्रेष्ठ बंगाली पुस्तक प्रकाशन के लिए राधामोहन टैगोर मेमोरियल पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ काकबारक प्रकाशन के लिए पेनस्टार प्रकाशन को दौलत अहमद मेमोरियल पुरस्कार और बंगाली और काकबरक के अलावा सर्वश्रेष्ठ प्रकाशन के लिए फुरबर्ददेव प्रकाशनी से सम्मानित किया गया है।

पुस्तक मेले में मंडप की साज-सज्जा के लिए पारुल प्रकाशनी, निहारिका व पारुल लाइब्रेरी को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार मिला। उपस्थित अतिथियों ने उन्हें पुरस्कृत किया।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129