
मुख्यमंत्री माजूपुष्टि उपहार योजना के तहत 8,324 गर्भवती महिलाओं को वित्तीय सहायता मिल चुकी है
ऑनलाइन डेस्क, 1 अप्रैल 2023। राज्य में अब तक 8,324 गर्भवती महिलाओं को मुख्यमंत्री मातृपुष्टि उपहार योजना के तहत वित्तीय सहायता मिल चुकी है।
इस योजना में प्रत्येक गर्भवती महिला को उनके बैंक खाते में 2 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है समाज कल्याण एवं समाज शिक्षा विभाग के सचिव तपोस राय ने आज सचिवालय के प्रेस कांफ्रेंस हॉल में पत्रकार वार्ता कर यह जानकारी दी।
सचिव ने पत्रकार वार्ता में समाज कल्याण एवं सामाजिक शिक्षा विभाग की सफलता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रदेश के 9911 आंगनबाडी केन्द्रों में 3 लाख 17 हजार 354 बच्चे, 19950 गर्भवती महिलाएं एवं 16203 नर्सिंग माताओं का पंजीयन किया जा चुका है।
उनमें से प्रत्येक को खिचड़ी, अंडे सहित विभिन्न पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा अति कुपोषित बच्चों की पहचान करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आईसीडीएस पर्यवेक्षकों को 10,735 स्मार्टफोन दिए गए हैं। 9,911 आंगनवाड़ी केंद्रों को ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस भी मुहैया कराए गए हैं।
प्रेस कांफ्रेंस में सचिव ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक आंगनबाडी केन्द्र से एलपीजी गैस जोड़ी जा चुकी है तथा 1117 आंगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल की व्यवस्था की जा चुकी है तथा 3392 आंगनबाड़ी केन्द्रों में शौचालय की व्यवस्था की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य में 234 और आंगनवाड़ी केंद्र स्थापित करने का फैसला किया है। इसमें से 40 आंगनवाड़ी केंद्र ब्लू पुनर्वास क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे। नीला पुनर्वास क्षेत्र में 10 आंगनबाड़ी केंद्र पहले ही शुरू हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि समाज कल्याण एवं समाज शिक्षा विभाग के माध्यम से वर्तमान में 34 सामाजिक भत्ता प्रदान किया जा रहा है। इनमें से 3 केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत हैं और 31 राज्य सरकार की योजनाओं के तहत हैं।
वर्तमान में राज्य में कुल भत्ता पाने वालों की संख्या 3 लाख 85 हजार 227 है। उनमें से प्रत्येक को 2,000 रुपये का भत्ता सीधे उनके बैंक खाते में जमा किया जाता है।
साथ ही, राज्य सरकार ने 4 नवंबर 2022 को मुख्यमंत्री सामाजिक सहायता योजना नामक एक नई पेंशन योजना शुरू की। इस योजना के माध्यम से 30 हजार नए हितग्राहियों को 2 हजार रुपए भत्ता दिया जाएगा सचिव ने यह भी कहा कि परिवार के एकमात्र कमाने वाले की मृत्यु होने पर राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में 20,000 टका की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाती है।
इस योजना के तहत अब तक राज्य में 506 परिवारों को यह सहायता मिल चुकी है।







