
हाफलोंग बाजार में तेज रफ्तार बाइक का कहर, घायल को सड़क पर छोड़कर फरार हुआ चालक
धर्मनगर 7 नवंबर,: भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र में तेज रफ्तार बाइक अब राहगीरों के लिए खतरा बनती जा रही है। उत्तर त्रिपुरा जिले के धर्मनगर उपमंडल अंतर्गत हाफलोंग बाजार के पास एक तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से प्रनब नाथ (30) नामक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि हादसे के बाद घायल व्यक्ति को सड़क पर ही छोड़कर बाइक चालक मौके से फरार हो गया। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाफलोंग बाजार के पास तेज गति से आ रही एक बाइक ने अचानक प्रनब नाथ को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद बाइक चालक ने घायल की सुध लेने के बजाय तेजी से मौके से भागने में ही भलाई समझी। इसके बाद घायल व्यक्ति सड़क किनारे असहाय अवस्था में पड़े रहे।
घटना को देखते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत धर्मनगर अग्निशमन विभाग को सूचना दी। खबर मिलते ही दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और घायल व्यक्ति को উদ্ধার कर तत्काल धर्मनगर जिला अस्पताल पहुंचाया। अग्निशमन विभाग के सूत्रों के अनुसार, घायल की पहचान प्रनब नाथ (30) के रूप में हुई है। वह पूर्व हाफलोंग इलाके के निवासी हैं। फिलहाल अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर धर्मनगर में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि धर्मनगर शहर और आसपास के इलाकों में कुछ बाइक चालक लगातार तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चला रहे हैं। बाजारों, भीड़भाड़ वाली सड़कों और रिहायशी इलाकों में भी गति पर नियंत्रण रखने की परवाह नहीं की जा रही है। इसके चलते राहगीरों और आम वाहन चालकों को हमेशा दुर्घटना की आशंका के बीच सफर करना पड़ रहा है।
हालांकि, हादसे से भी अधिक चिंताजनक बात घायल व्यक्ति को सड़क पर छोड़कर चालक के फरार होने का आरोप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटना के बाद घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाना और जरूरत पड़ने पर प्रशासन को सूचना देना प्रत्येक नागरिक की मानवीय जिम्मेदारी है। ऐसी जिम्मेदारी से बचना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
इलाकावासियों ने हाफलोंग बाजार सहित धर्मनगर के प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक पुलिस की निगरानी बढ़ाने की मांग की है। नियमित वाहन जांच, तेज रफ्तार से बाइक चलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई तथा गति सीमा का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने की भी मांग उठी है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि भीड़भाड़ वाले बाजारों में इसी तरह बेलगाम रफ्तार से बाइक चलती रही, तो आम राहगीरों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? लोगों ने मांग की है कि प्रशासन हादसों के बाद कार्रवाई करने के बजाय दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पहले से प्रभावी कदम उठाए।








