♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

लोकल रिसोर्स का इस्तेमाल करके इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट का रास्ता बनाया जाना चाहिए : मुख्यमंत्री

ऑनलाइन डेस्क, 08 मई, 2026: मौजूदा राज्य सरकार इंडस्ट्री-फ्रेंडली सरकार है। अभी त्रिपुरा में इंडस्ट्री बनाने के बहुत बड़े मौके हैं। राज्य में इंडस्ट्री के डेवलपमेंट में मैन्युफैक्चरिंग-ओरिएंटेड इंडस्ट्री पर खास जोर देने की जरूरत है। आज सेक्रेटेरिएट के दूसरे कॉन्फ्रेंस हॉल में मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने राज्य में इंडस्ट्रियलाइजेशन, इन्वेस्टमेंट ग्रोथ और रोजगार के मौकों को बढ़ाने के मकसद से ‘इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी ऑफ त्रिपुरा’ (IPAT) की गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में यह बात कही।

मीटिंग में मुख्यमंत्री ने राज्य में इंडस्ट्री लगाने पर खास जोर दिया और कहा कि दुनिया के जिन देशों या राज्यों में इंडस्ट्रियलाइजेशन हुआ है, वहां मैन्युफैक्चरिंग-बेस्ड इंडस्ट्री डेवलप करने के पॉजिटिव उदाहरण देखे गए हैं। उन्होंने कहा कि लोकल रिसोर्स का इस्तेमाल करके इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट का रास्ता बनाया जाना चाहिए। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने खास तौर पर त्रिपुरा के बांस और रबर रिसोर्स की क्षमता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में, कई इन्वेस्टर्स ने राज्य के अलग-अलग सेक्टर्स में इन्वेस्ट करने में दिलचस्पी दिखाई है। अगर राज्य में नई इंडस्ट्रीज़ लगती हैं, तो रोज़गार के बड़े मौके बनेंगे। मुख्यमंत्री ने खास तौर पर आदिवासी इलाकों के युवाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि उनमें टैलेंट और स्किल्स की कोई कमी नहीं है। अगर इस स्किल का बेहतर और असरदार तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो राज्य के सीमांत इलाकों में भी इंडस्ट्रीज़ डेवलप करने की बहुत बड़ी संभावना है। मुख्यमंत्री ने मौजूद संबंधित विभागों के सेक्रेटरी और अधिकारियों को इस बारे में ज़रूरी पहल करने का निर्देश दिया।

गौरतलब है कि आज की मीटिंग में सबरूम के जालिफा में स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन में इंडस्ट्रीज़ लगाने के अलग-अलग प्रपोज़ल पर डिटेल में चर्चा हुई। इसके अलावा, धलाई ज़िले के कुलाई में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर 50 MBBS सीटों वाले मेडिकल कॉलेज की स्थापना पर भी चर्चा हुई। इंडस्ट्रीज़ और कॉमर्स मिनिस्टर संताना चकमा भी मीटिंग में मौजूद थीं और उन्होंने चर्चा में अपनी राय दी। मीटिंग की शुरुआत में हेल्थ डिपार्टमेंट की सेक्रेटरी किरण गिट्टी ने चर्चा के तहत मुद्दों पर डिटेल में जानकारी दी। चीफ सेक्रेटरी जेके सिन्हा ने कहा कि त्रिपुरा के जंगलों और लोकल रिसोर्स का इस्तेमाल करके इंडस्ट्री को डेवलप करना ज़रूरी है। इससे सफलता की संभावना ज़्यादा होगी। इसके साथ ही, ज़्यादा से ज़्यादा लोकल लोगों को इंडस्ट्रियल सिस्टम में शामिल और अट्रैक्ट किया जाना चाहिए। इससे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के साथ-साथ राज्य आर्थिक रूप से ज़्यादा आत्मनिर्भर बनेगा और रोज़गार के नए मौके बनेंगे।
मीटिंग में मुख्यमंत्री के एक्टिंग सेक्रेटरी अपूर्व रॉय, सेक्रेटरी अभिषेक सिंह, सेक्रेटरी मिलिंद रामटेके, अलग-अलग डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी और बड़े अधिकारी भी शामिल हुए।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129