
राज्यपाल ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी, 2020 पर नेशनल सेमिनार का उद्घाटन किया
ऑनलाइन डेस्क, 17 मार्च, 2026: नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 सभी के लिए, खासकर वंचित और आदिवासी समुदायों के लिए समान शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस पॉलिसी में भारतीय भाषाओं के संरक्षण और प्रचार को दिया गया महत्व बहुत मायने रखता है। राज्यपाल इंद्र सेना रेड्डी नल्लू ने आज सुबह त्रिपुरा सेंट्रल यूनिवर्सिटी के महाराजा बीर बिक्रम शताब्दी भवन में ‘NEP 2020: नॉलेज-बेस्ड इकोनॉमी बनाने के लिए एजुकेशन पॉलिसी का अनुवाद’ विषय पर दो दिन के नेशनल सेमिनार का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। यह कार्यक्रम नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन (NIEPA), नई दिल्ली ने त्रिपुरा सेंट्रल यूनिवर्सिटी के सहयोग से आयोजित किया था। कार्यक्रम में बोलते हुए, राज्यपाल इंद्र सेना रेड्डी नल्लू ने कहा कि शिक्षा आर्थिक विकास की नींव है, जो प्रोडक्टिविटी बढ़ाती है और हमारे राष्ट्रीय आउटपुट को बढ़ाती है। 21वीं सदी में ज्ञान विकास की मुख्य प्रेरक शक्ति बन गया है।
“NEP 2020” का मकसद एक होलिस्टिक, मल्टीडिसिप्लिनरी और इनक्लूसिव लर्निंग माहौल बनाना है। गवर्नर ने यह भी कहा कि बच्चों की प्राइमरी एजुकेशन उनकी मातृभाषा में होनी चाहिए। NEP 2020 का मकसद सीखने वालों की क्रिएटिविटी और जिज्ञासा को बढ़ावा देना है। गवर्नर ने कहा कि दुनिया को नया आकार देने वाली टेक्नोलॉजिकल सुनामी को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। एजुकेशन सेक्टर में रोबोटिक्स समेत डिजिटल और एडवांस्ड AI टेक्नोलॉजी का इंटीग्रेशन एक रोमांचक मौका और एक मुश्किल चुनौती दोनों है। गवर्नर ने सेमिनार में इस बात पर चर्चा करने पर ज़ोर दिया कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हमारी कॉग्निटिव क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कैसे किया जा सकता है। इवेंट में त्रिपुरा सेंट्रल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर श्यामल दास ने नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी-2020 पर डिटेल में चर्चा की। त्रिपुरा सेंट्रल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रोफेसर वी गुप्ता, प्रोफेसर एसके शील समेत कई लोगों ने भी बात की। यह खबर लोकभवन से मिली।








