
सूचना एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित सांस्कृतिक संध्या में शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम
ऑनलाइन डेस्क, 12 मार्च, 2026: सूचना एवं संस्कृति विभाग की ओर से आज मुक्तधारा ऑडिटोरियम में क्लासिकल संगीत संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सूचना एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. प्रदीप कुमार चक्रवर्ती ने किया। उन्होंने कहा कि क्लासिकल संगीत एक तरह का संगीत है जिसे खास और सख्त नियमों, रागों, लय और क्लासिकल ग्रामर के अनुसार बजाया जाता है। इसे मूल रूप से हाई म्यूजिक के रूप में जाना जाता है, जो लंबे समय से चली आ रही प्रैक्टिस, राग-आधारित क्लासिकल पाबंदियों पर आधारित है। भारतीय उपमहाद्वीप की मुख्य शैलियां उत्तर भारतीय (हिंदुस्तानी) और दक्षिण भारतीय (कर्नाटक) संगीत हैं। क्लासिकल संगीत खास रागों और लय पर निर्भर है।
उन्होंने कहा कि क्लासिकल संगीत का इतिहास काफी पुराना है, जो वैदिक काल से चला आ रहा है। ख्याल, ध्रुपद, धमार, ठुमरी, गजल, दादरा आदि हिंदुस्तानी क्लासिकल संस्कृति की शैलियां हैं। सचिव ने कहा, हमारे राज्य में भी क्लासिकल संगीत का चलन है। इस विधा को नई पीढ़ी तक ज़्यादा से ज़्यादा पहुंचाने की कोशिश होनी चाहिए।
इस मौके पर राज्य आधारित सांस्कृतिक सलाहकार समिति के वाइस चेयरमैन सुब्रत चक्रवर्ती ने कहा, क्लासिकल संगीत हमारी विरासत है, जिसकी विरासत हम आगे बढ़ा रहे हैं। क्लासिकल संगीत के लिए कड़ी मेहनत के साथ-साथ ध्यान और लगन की ज़रूरत होती है। गुरु शिष्य की परंपरा को बनाए रखते हुए क्लासिकल संगीत के चलन को आगे बढ़ाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने सरकार और राज्य के सांस्कृतिक संगठनों से आगे आने का आह्वान किया।
इस मौके पर अपने स्वागत भाषण में सूचना और संस्कृति विभाग के डायरेक्टर बिंबिसार भट्टाचार्य ने कहा, विभाग राज्य की पारंपरिक मिली-जुली संस्कृति को बचाए रखने के लिए साल भर अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करता है। विभाग का एक लक्ष्य नाटक उत्सव, जात्रा उत्सव, कविता उत्सव आदि आयोजित करके कलाकारों की नई पीढ़ी के लिए एक मंच तैयार करना है। विभाग हर साल राज्य में अलग-अलग जगहों पर क्लासिकल संगीत के कार्यक्रम आयोजित करता है। पिछले साल उदयपुर में ऐसा ही एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में जाने-माने कलाकार और सांस्कृतिक हस्तियां सुबल बिस्वास और मनोरंजन देब ने भी बात की। राज्य के जाने-माने कलाकारों ने इस इवेंट में शानदार कल्चरल प्रोग्राम पेश किया।








