
बच्चों के समग्र विकास में निपुण परियोजना की महत्वपूर्ण भूमिका: समाज कल्याण मंत्री
प्रगति त्रिपुरा, 17 नवंबर, 2025: निपुण भारत मिशन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य 3 से 9 वर्ष की आयु के बच्चों की बुनियादी शिक्षा, खान-पान की आदतों और बुनियादी सीखने के कौशल को मजबूत करना है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आसान, आनंददायक और प्रभावी तरीके से पढ़ाई करना सिखाना है।
आज कैलाशहर के उनकोटि कलाक्षेत्र में जिला स्तरीय निपुण उत्सव का उद्घाटन करते हुए समाज कल्याण एवं सामाजिक शिक्षा मंत्री टिंकू रॉय ने यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में स्मार्ट क्लास, समूह कार्य, खेल और टूलकिट के माध्यम से बच्चों की सीखने की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है।
निपुण परियोजना भाषा, गणित, समस्या समाधान सहित बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम में उनकोटि जिला परिषद अध्यक्ष अमलेंदु दास ने कहा कि निपुण परियोजना का उद्देश्य बच्चों के भावी शैक्षिक जीवन के लिए एक मजबूत आधार तैयार करना है। क्योंकि बच्चों की उचित शिक्षा उनके ज्ञान और चरित्र निर्माण में जीवन भर मदद करती है। इसके अलावा, उनकोटी के जिलाधिकारी डॉ. तमाल मजूमदार ने भी कार्यक्रम में अपनी बात रखी।
कैलाशहर पुर परिषद की अध्यक्ष चोपला देबरॉय ने समारोह की अध्यक्षता की। जिला शिक्षा अधिकारी प्रशांत किलिकदार ने स्वागत भाषण दिया। समाज कल्याण और सामाजिक शिक्षा विभाग के मंत्री और अन्य अतिथियों ने विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉल, सीखने के खेल और नवीन शिक्षण मॉडल प्रदर्शित करने वाले स्टॉलों का दौरा किया। समारोह में जिले के सर्वश्रेष्ठ 46 छात्रों को पुरस्कृत किया गया।








