
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वंदे मातरम शब्द ने पूरे देश को एकजुट किया: कृषि मंत्री
ऑनलाइन डेस्क, 8 नवंबर, 2025: वंदे मातरम केवल एक गीत या कविता नहीं है, यह एक देशभक्ति मंत्र है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वंदे मातरम शब्द ने पूरे देश को एकजुट किया था। इसलिए हमें वंदे मातरम को नहीं भूलना चाहिए। आज कृषि मंत्री रतनलाल नाथ ने पश्चिम त्रिपुरा जिला प्रशासन और पश्चिम त्रिपुरा जिला परिषद की संयुक्त पहल पर मुक्तधारा सभागार में पश्चिम जिला स्थित वंदे मातरम महोत्सव समारोह के कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मनाने का मुख्य उद्देश्य इस देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वालों को श्रद्धांजलि देना और नई पीढ़ी के बच्चों में देशभक्ति की भावना जागृत करना है। वंदे मातरम की गरिमा को आगे बढ़ाकर आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना चाहिए।
कार्यक्रम में बोलते हुए राज्यसभा सांसद राजीव भट्टाचार्य ने कहा कि साहित्य सम्राट बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित उपन्यास आनंदमठ का गीत वंदे मातरम आजादी की खुशी में एक नई लहर लेकर आया। इस गीत के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानी मातृभूमि को परतंत्रता की जंजीरों से मुक्त कराने की खुशी में कूद पड़े। कार्यक्रम में पश्चिम त्रिपुरा जिला परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष विश्वजीत शील ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में विधायक स्वप्ना देबबर्मा, पश्चिम त्रिपुरा जिले के जिलाधिकारी डॉ. विशाल कुमार, अतिरिक्त जिलाधिकारी असित कुमार दास, अतिरिक्त जिलाधिकारी अरूप देव समेत अन्य उपस्थित थे। दूसरी ओर, डुकली प्रखंड के पंचायत समिति के सभागार में वंदे मातरम गीत की प्रखंड आधारित 150वीं वर्षगांठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मालदान और परिचर्चा का आयोजन किया गया।







