
आदि कर्म योगी अभियान में वर्तमान राज्य सरकार ने आदिवासियों के समग्र विकास को सर्वोच्च महत्व दिया है: मुख्यमंत्री
ऑनलाइन डेस्क, 16 सितंबर, 2025: आम जनता की समग्र भागीदारी से ही विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों की शत-प्रतिशत सफलता संभव है। इसलिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसी भी सरकारी कार्यक्रम के क्रियान्वयन में जनता की भागीदारी को सर्वोच्च महत्व दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के हाशिए पर रहने वाले लोगों के समग्र विकास के बिना राज्य और देश को विकास के पथ पर आगे ले जाना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री प्रोफेसर डॉ. माणिक साहा ने आज प्रज्ञा भवन में आदि कर्म योगी अभियान के अंतर्गत अंतर्राज्यीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम और राज्य प्रक्रिया प्रयोगशालाओं का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।
इस अवसर पर आयोजित एक परिचर्चा में मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 जुलाई, 2025 को विकसित भारत अभियान के अंतर्गत आदि कर्म योगी अभियान की शुरुआत की गई थी। यह अभियान आदिवासियों की आबादी वाले हाशिए पर रहने वाले लोगों को विभिन्न सरकारी सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। आदि कर्म योगी अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के 550 से अधिक जिलों और 3,000 ब्लॉकों में आदिवासियों के सशक्तिकरण, कौशल विकास और सामाजिक भागीदारी के माध्यम से 20 लाख जनजातीय परिवर्तनकर्ता तैयार करना है। इस अभियान को क्रियान्वित करने के लिए, आदि कर्म योगी, आदि सशी और आदि साथी नामक 3 श्रेणियों में प्रशिक्षित कैडर तैयार किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कर्म योगी श्रेणी में सरकारी कर्मचारी, आदि सशी श्रेणी में शिक्षक, डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता और आदि साथी श्रेणी में स्वयं सहायता समूहों के सदस्य, वरिष्ठ नागरिक और सांस्कृतिक हस्तियां शामिल होंगी। आदिवासियों की आबादी वाले प्रत्येक गाँव में आदि सेवा केंद्र स्थापित किए जाएँगे। आदि सेवा केंद्र नागरिकों के लिए एकल खिड़की सेवा केंद्र के रूप में कार्य करेगा। इसके अलावा, आदि कर्म योगी अभियान से जुड़े सभी लोगों के कौशल को बढ़ाने और अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए, राज्य स्तर पर एक प्रक्रिया प्रयोगशाला बनाई जाएगी और मास्टर ट्रेनरों, अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
अभियान का लक्ष्य राज्य स्तर पर 8 राज्य मास्टर ट्रेनर, 40 जिला मास्टर ट्रेनर और 260 ब्लॉक मास्टर ट्रेनर को शामिल करना है। 16 से 19 सितंबर तक, जिला मास्टर ट्रेनरों को राज्य प्रक्रिया प्रयोगशाला में 4 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। 23 से 25 सितंबर तक जिला प्रक्रिया प्रयोगशाला का आयोजन किया जाएगा। आज से 2 अक्टूबर तक धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में शामिल गाँवों में सेवा पर्व का आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से विभिन्न प्रकार के शिविरों का आयोजन किया जाएगा।








