
पश्चिम त्रिपुरा जिला परिषद की औद्योगिक मामलों की स्थायी समिति की बैठक आयोजित
ऑनलाइन डेस्क, 25 जुलाई, 2025: पश्चिम त्रिपुरा जिला परिषद के सभाकक्ष में कल जिला परिषद की औद्योगिक मामलों की स्थायी समिति की बैठक आयोजित की गई। समिति के सदस्य अविनाश दास की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष विश्वजीत शील, समिति के अन्य सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के जिला अधिकारी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में स्वावलंबन परियोजना के अंतर्गत पश्चिम जिले में विभिन्न स्वावलंबन परियोजनाओं के लिए 246 लोगों के ऋण आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत 168 लोगों के ऋण आवेदन स्वीकृत किए गए हैं और 105 लोगों को ऋण प्रदान किए गए हैं।
इसके अलावा, वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत जिले के 6,473 लोगों को विभिन्न स्वावलंबन परियोजनाओं में प्रशिक्षित किया गया है। हथकरघा, हस्तशिल्प और रेशम उत्पादन विभाग के एक अधिकारी ने बैठक में बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में जिले के तीन रेशम उद्योग केंद्रों मोहनपुर, चंपकनगर और दुकली में 61 परिवारों की जमीन पर शहतूत के बागान स्थापित किए गए थे। इन रेशम बागानों से 1650.85 किलोग्राम रेशम कोकून का उत्पादन किया गया था। अधिकारी ने कहा कि इस वर्ष भी 5,000 किलोग्राम रेशम कोकून का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा, पश्चिमी जिले में 17 हथकरघा समूहों में 7,340 बुनकर काम कर रहे हैं।
हथकरघा और हस्तशिल्प उद्योग अधिकारी ने बैठक में यह भी बताया कि केंद्रीय परियोजना के तहत, फटिकछारा, बामुटिया, तारानगर और घुमुलुंग के चार समूहों में से प्रत्येक में 60, 240 बुनकरों को बुनाई उद्योग में प्रशिक्षित किया गया है और बुनाई के लिए मुफ्त सामग्री प्रदान की गई है। राज्य की बुनाई उद्योग विकास योजना के अंतर्गत, एडीनगर और खुमुलुंग हरिमंगल पारा बुनाई उद्योग केंद्रों में 30-30 बुनकरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं, हस्तशिल्प उद्योग में, अगरतला, जोगेंद्रनगर, मोहनपुर, मजलिशपुर और सांखला स्थित पाँच हस्तशिल्प केंद्रों में, प्रत्येक जिले के 30 कारीगरों को विभिन्न हस्तशिल्प उद्योगों में प्रशिक्षित किया जा रहा है। बैठक में टीआरएलएम के प्रतिनिधियों ने विभिन्न विकास कार्यक्रमों पर भी चर्चा की।







