
राज्य के सामाजिक-आर्थिक मानकों को सुधारने और उसके आर्थिक आधार को मजबूत करने में पर्यटन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है : मुख्यमंत्री
ऑनलाइन डेस्क, 25 जुलाई, 2025: राज्य अब सड़कों सहित विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास, नवीनीकरण आदि के माध्यम से विकास की लहर का अनुभव कर रहा है। इस वर्ष के पहले 7 महीनों में ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में 772 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और शिलान्यास किया गया है। आज मुख्यमंत्री प्रोफेसर (जा) माणिक साहा ने विशालगढ़ उपखंड के अंतर्गत कस्बेश्वरी मंदिर परिसर में एशियाई विकास बैंक के कोष से कमलासागर पर्यटन अवसंरचना के विकास की आधारशिला रखी और नव सुसज्जित कस्बा व्यू टूरिस्ट लॉज का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रिपुरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और उनके बताए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। एक के बाद एक विकास परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर बंदोवर में 51 पीठों की तर्ज पर बन रहे धार्मिक पर्यटन केंद्र को आम जनता के लिए खोल दिया जाए, तो त्रिपुरा एक अलग ही पहचान बनाएगा। दूर-दूर से भी। तीर्थयात्री यहां आएंगे। साथ ही, त्रिपुरा की आर्थिक विकास दर में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि राज्य के सामाजिक-आर्थिक मानकों को बेहतर बनाने और इसके आर्थिक आधार को मजबूत करने में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इसलिए, राज्य की वर्तमान सरकार ने पर्यटन क्षेत्र के विकास को विशेष महत्व दिया है। राज्य सरकार तृष्णा अभयारण्य, खुमुलुंग इकोपार्क, बॉक्सनगर का अति प्राचीन बौद्ध स्तूप, छबिमुरा की कार्टिंग हिल्स, बौद्ध और हिंदू मूर्तियों से समृद्ध पिलक पर्यटन क्षेत्र, भुवनेश्वरी मंदिर सहित राज्य के पर्यटन क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष योजनाओं पर काम कर रही है। अगर ये सभी योजनाएं क्रियान्वित होती हैं, तो देश-विदेश से पर्यटक बड़ी संख्या में राज्य में आएंगे।
उनकी उपस्थिति स्वाभाविक रूप से राज्य के आर्थिक आधार को मजबूत करेगी। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पर्यटन मंत्री सुशांत चौधरी ने कहा कि प्रसाद योजना के तहत 51 करोड़ रुपये की लागत से 51 पीठों की प्रतिकृति के साथ उदयपुर के बंदोआब में बनाया जा रहा धार्मिक पर्यटन केंद्र अब अपने उद्घाटन की प्रतीक्षा कर रहा है। इसके अलावा, राज्य स्मृति द्वारा स्मरण किए जाने वाले कस्बेश्वरी कमलासागर कालीबाड़ी को भी इस परियोजना में सजाया जा रहा है।
धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ राज्य को इकोटूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में सजाने की योजना बनाई गई है। अगर इन योजनाओं को अमल में लाया गया तो अगले डेढ़ से दो साल में त्रिपुरा पर्यटन के नक्शे पर एक नए रूप में उभरेगा। इससे न केवल युवाओं के रोजगार में वृद्धि होगी बल्कि लोगों की क्रय शक्ति भी बढ़ेगी।
पर्यटन विभाग के सचिव यू के चकमा ने कार्यक्रम में स्वागत भाषण दिया इस अवसर पर सिपाहीजाला जिला परिषद की अध्यक्ष सुप्रिया दास दत्ता, डॉ. सिद्धार्थ शिव जायसवाल, पुलिस अधीक्षक विजय देबबर्मा, पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक प्रशांत बादल नेगी आदि उपस्थित थे। इस परियोजना, जिसका शिलान्यास आज मुख्यमंत्री ने किया, के निर्माण पर 18.78 करोड़ रुपये की लागत आएगी। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) द्वारा वित्तपोषित इस परियोजना में पर्यटकों के लिए विभिन्न अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।







