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अगरतला शहर के लिए 49 किलोमीटर लंबी रिंग रोड बनाने की पहल की जाएगी: मुख्यमंत्री

ऑनलाइन डेस्क, 18 जुलाई, 2025: आर्थिक विकास सहित किसी भी राज्य की समग्र प्रगति के लिए बुनियादी ढांचे का विकास आवश्यक है। राज्य की वर्तमान सरकार राज्य के लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए आधुनिक और उन्नत बुनियादी ढांचे के निर्माण पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने आज प्रज्ञा भवन में इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विकास’ विषयक चर्चा सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचा व्यवसाय, वाणिज्य, उत्पादकता, निर्माण, स्वास्थ्य सहित जीवन की गुणवत्ता में सुधार और गति प्रदान करता है। बुनियादी ढांचे के विकास में इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनकी नवीन सोच के कारण ही बेहतर बुनियादी ढांचे का निर्माण संभव है। इस तरह की चर्चाओं से इंजीनियरों को और अधिक समृद्ध बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की चर्चाओं का त्रिपुरा सहित पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों के समग्र बुनियादी ढांचे में सुधार पर विशेष प्रभाव पड़ेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों को अष्टलक्ष्मी कहा है। एक्ट ईस्ट नीति ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास की गति को और तेज कर दिया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य की वर्तमान सरकार भी लोगों के समग्र विकास के लिए अथक प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के राज्य बजट में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 7,000 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य लोक निर्माण विभाग (सड़क और पुल) के अधीन मुख्य सड़कें, ग्रामीण सड़कें, जिला सड़कें सहित लगभग 10,818.423 किलोमीटर सड़कें हैं। राज्य में 923 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग भी हैं।

इसमें से 509 किलोमीटर सड़कों को डबल लेन में अपग्रेड किया गया है। राज्य में 3,939 पुल और पुलिया भी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतमाला परियोजना के तहत अगरतला शहर के लिए लगभग 49 किलोमीटर की रिंग रोड बनाने की पहल की जाएगी। यातायात की भीड़भाड़ की समस्या के समाधान के लिए राज्य में और अधिक फ्लाईओवर बनाने की योजना बनाई गई है। राज्य के सभी रेलवे स्टेशनों को राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने की भी पहल की जाएगी। पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्य भूकंप-प्रवण क्षेत्रों में स्थित होने के कारण, सभी निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।

इसे ध्यान में रखते हुए, गोरखाबस्ती में ऊँची कार्यालय इमारतों का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में पूर्वोत्तर क्षेत्र की रेल, सड़क संचार प्रणाली, जल विद्युत क्षमता पर भी प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम को भारतीय भवन कांग्रेस के अध्यक्ष, वास्तुविद श्याम लाल भौमिक, भारतीय भवन कांग्रेस की राज्य शाखा के अध्यक्ष चिन्मय देबनाथ, वास्तुकार राज चक्रवर्ती, वास्तुकार ओ. पी. गोयल आदि ने भी संबोधित किया। इस कार्यक्रम में राज्य लोक निर्माण विभाग के मुख्य वास्तुकार राजीव देबबर्मा, भारतीय भवन कांग्रेस के संपादक वास्तुविद वी. आर. बंसल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में एक स्मारिका और आधिकारिक तकनीकी पत्रिका के कवर का अनावरण किया।

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