
सर्वोच्च न्यायालय की ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता’ अभियान की पहल 30 सितंबर तक जारी रहेगी
ऑनलाइन डेस्क, 15 जुलाई, 2025: राष्ट्रीय विधिक सेवा मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति और सर्वोच्च न्यायालय ने मिलकर एक विशेष अभियान ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता’ शुरू किया है। यह अभियान 90 दिनों तक चलेगा। पूरे देश के साथ-साथ यह अभियान त्रिपुरा में भी 1 जुलाई, 2025 से 30 सितंबर, 2025 तक जारी रहेगा।
त्रिपुरा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव झूमा दत्ता चौधरी ने आज त्रिपुरा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सम्मेलन कक्ष में एक संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस विशेष मध्यस्थता अभियान में वैवाहिक विवाद, दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावे, घरेलू हिंसा के मामले, चेक अनादर/बाउंस, व्यावसायिक विवाद, रोजगार संबंधी मामले, आपराधिक क्षतिपूर्ति योग्य मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, संपत्ति विभाजन, बेदखली के मामले, भूमि अधिग्रहण के मामले और अन्य प्रासंगिक दीवानी मामलों को समाधान के लिए मध्यस्थों के पास भेजा जा रहा है।
मध्यस्थता इन मामलों को सुलझाने का एक मान्यता प्राप्त तरीका है। किसी भी विवाद के लिए दोनों पक्षों को उनकी पसंद के मध्यस्थ के माध्यम से समाधान हेतु एक ही मंच पर लाया जाएगा और कम लागत पर मामले का समाधान किया जाएगा। राज्य के प्रत्येक जिले में 8 मध्यस्थता केंद्र हैं और त्रिपुरा उच्च न्यायालय में 1 सहित कुल 9 मध्यस्थता केंद्र हैं।
इस विशेष अभियान में, 9 जुलाई तक राज्य की विभिन्न अदालतों से पश्चिम त्रिपुरा में 94 मामले, उनकोटी जिले में 68 मामले, खोवाई जिले में 68 मामले, सिपाहीजाला जिले में 98 मामले, धलाई जिले में 104 मामले, उत्तर त्रिपुरा जिले में 18 मामले, गोमती जिले में 193 मामले और दक्षिण त्रिपुरा में 353 मामले मध्यस्थता केंद्रों को भेजे गए हैं।








