
पटकथा लेखक, निर्देशक और संपादक बिप्लब गोस्वामी को सम्मानित किया गया, IIFA अवार्ड्स में बिप्लब गोस्वामी को पुरस्कार मिलना राज्य के लोगों के लिए गर्व की बात: मुख्यमंत्री
ऑनलाइन डेस्क, 14 मार्च, 2025: जीवन में कुछ हासिल करने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी होगी। कड़ी मेहनत करने की मानसिकता काम के प्रति सम्मान और खुशी से विकसित होती है। कड़ी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति दृढ़ रवैया ही आगे बढ़ने के मुख्य मंत्र हैं। मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने आज त्रिपुरा फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (टीएफटीआई) के सलाहकार, प्रसिद्ध पटकथा लेखक, निर्देशक एवं संपादक बिप्लब गोस्वामी को सम्मानित करते हुए यह बात कही।
उन्होंने कहा कि यह राज्य के लोगों के लिए गर्व की बात है कि बिप्लब गोस्वामी को 25वें अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी पुरस्कार (आइफा) में सर्वश्रेष्ठ कहानी (मौलिक) का पुरस्कार दिया गया। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि राज्य की वर्तमान पीढ़ी बिप्लब गोस्वामी जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों से प्रेरित होगी। नजरूल कलाक्षेत्र स्थित टीएफटीआई परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने श्री गोस्वामी को पुष्प, उपहार और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीएफटीआई को बड़े पैमाने पर ले जाने की योजना है वहाँ है। उल्लेखनीय है कि प्रसिद्ध पटकथा लेखक बिप्लब गोस्वामी को हाल ही में राजस्थान के जयपुर में आयोजित 25वें अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी पुरस्कारों में हिंदी फिल्म ‘लापता लेडीज’ के लिए लोकप्रिय श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ कहानी (मौलिक) पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में बोलते हुए सूचना एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. पीके चक्रवर्ती ने कहा कि भविष्य में टीएफटीआई में 6 महीने का सर्टिफिकेट और 1 साल का डिप्लोमा कोर्स शुरू करने की योजना है। अपना भाषण देते हुए पटकथा लेखक बिप्लब गोस्वामी ने अपनी सफलता के लिए राज्य और उसके लोगों को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा, “आईफा पुरस्कार प्राप्त करना अत्यंत खुशी और दुर्लभ अनुभूति की बात है।” उन्होंने आज के कार्यक्रम में उनका स्वागत करने के लिए सभी का धन्यवाद किया। इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक परिसर प्रबंधन सोसायटी के अध्यक्ष नबेंदु भट्टाचार्य, राज्य सांस्कृतिक सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष सुब्रत चक्रवर्ती और सूचना एवं संस्कृति विभाग के निदेशक बिम्बिसार भट्टाचार्य भी उपस्थित थे।








