
राज्य स्तरीय शिक्षक शिक्षण सहायक सामग्री प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता का उद्घाटन, राज्य ने प्राथमिक स्तर से ही नवीन शिक्षण पर जोर दिया है: मुख्यमंत्री
ऑनलाइन डेस्क, 6 फरवरी, 2025: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक नवीन शिक्षण है। राज्य ने प्राथमिक स्तर से ही नवीन शिक्षण पर जोर दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पालन करते हुए निपुण त्रिपुरा लगभग 90,000 प्राथमिक स्कूल के छात्रों के लिए बुनियादी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास कर रहा है।
मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने आज रवींद्र शताब्दी भवन में राज्यव्यापी शिक्षक शिक्षण सहायक सामग्री प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की राष्ट्रीय शिक्षा नीति शुरू की गई है। जिसका एक लक्ष्य बच्चों को बुनियादी शिक्षा प्रदान करना तथा सटीक ज्ञान विश्लेषण के माध्यम से उन्हें प्राथमिक स्तर से ही कुशल बनाना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि निपुण मिशन कार्यक्रम के तहत शिक्षण सामग्री का महत्व बहुत अधिक है। प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तथा प्राथमिक स्तर से ही उचित ढंग से पढ़ाने में शिक्षण अधिगम सामग्रियां बहुत सहायक होती हैं। इसके क्रियान्वयन की मुख्य जिम्मेदारी स्कूल शिक्षकों पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक कुशल त्रिपुरा की मुख्य प्रेरक शक्ति हैं। निपुण त्रिपुरा मिशन के अंतर्गत बच्चों के लिए एक आवश्यक कक्षा संसाधन शिक्षण अधिगम सामग्री (टीएलएम) है।
निपुण त्रिपुरा का उद्देश्य 3 से 7 वर्ष की आयु के बच्चों में शिक्षा और बुनियादी कौशल की नींव विकसित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निपुण मिशन को 5 जुलाई, 2021 को देश भर में लॉन्च किया गया था, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक छात्र बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक कौशल हासिल करने के उद्देश्य से 2026-27 तक कक्षा 2 पूरा कर ले।
निपुण त्रिपुरा को राज्य में 18 नवंबर, 2022 को लॉन्च किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रिपुरा राज्य में निपुण मिशन का लक्ष्य लगभग 1 लाख 50 हजार छात्रों और लगभग 12 हजार शिक्षकों तक इस मिशन की सफलता पहुंचाना है। निपुण त्रिपुरा मिशन के अंतर्गत 4,227 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल हैं। वर्तमान में यह मिशन निपुण कार्यक्रम के माध्यम से राज्य में 10,000 से अधिक शिक्षकों और प्राथमिक से दूसरी कक्षा तक के लगभग 90,000 छात्रों तक पहुंच चुका है। निपुण त्रिपुरा मिशन ने पहले ही देश में अच्छी प्रतिष्ठा अर्जित कर ली है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से आए शिक्षकों द्वारा लगाए गए शिक्षण-प्रशिक्षण सामग्री प्रदर्शनी स्टालों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और अतिथियों ने शिक्षा विभाग की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तिका का अनावरण किया। इस कार्यक्रम में निपुण त्रिपुरा मिशन के अंतर्गत शिक्षा विभाग की उपलब्धियों पर एक लघु वृत्तचित्र भी दिखाया गया। अतिथियों ने टीएलएम प्रतियोगिता में भाग लेने वाले जिला, ब्लॉक एवं जिला शिक्षा अधिकारियों तथा जिला प्रतिनिधियों को भी पुरस्कृत किया।
पुरस्कार समारोह के दौरान, टीएलएम के अलावा, आमतली विवेकनगर में रामकृष्ण मिशन विद्यालय को आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता के क्षेत्र में विशेष खोजी कार्य और 360 डिग्री समग्र विकास कार्यक्रम के लिए विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शिक्षा विभाग के विशेष सचिव रावल हेमेन्द्र कुमार ने कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित किया। बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक एनसी शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। एससीईआरटी के निदेशक एल. डार्लोंग भी उपस्थित थे।








