
नियुक्ति प्रस्तावों का वितरण, भूमि से घिरा त्रिपुरा आज भूमि से जुड़ा राज्य बन गया है: केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जन कल्याण के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है: मुख्यमंत्री
ऑनलाइन डेस्क, 05 फरवरी, 2025: चारों ओर से भूमि से घिरा त्रिपुरा आज भूमि से जुड़ा राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा के नेतृत्व में त्रिपुरा तेजी से विकासशील और कल्याणकारी राज्य के रूप में आगे बढ़ रहा है। राज्य में पिछली सरकारों के 35 वर्षों की तुलना में वर्तमान सरकार के 7 वर्षों के शासन के दौरान बहुत अधिक विकास हुआ है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज स्वामी विवेकानंद मैदान में नियुक्ति वितरण समारोह में बोलते हुए यह बात कही। केंद्रीय गृह मंत्री ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में भाग लिया। गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में जेआरबीटी द्वारा स्वास्थ्य विभाग में 369 फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन पदों तथा 37 राज्य सरकारी कार्यालयों में 2,437 मल्टी-टास्किंग स्टाफ पदों के लिए नियुक्ति प्रस्ताव वितरित किए गए। प्रतीकात्मक संकेत के रूप में, मुख्यमंत्री सहित उपस्थित मंत्रिमंडल के सदस्यों ने समारोह में नौ लोगों को नियुक्ति के प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा, कृषि मंत्री रतनलाल नाथ, वित्त मंत्री प्रणजीत सिंह रॉय, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संतबाना चकमा, पर्यटन मंत्री सुशांत चौधरी, आदिवासी कल्याण मंत्री विकास देबबर्मा, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुधांशु दास, सहकारिता मंत्री शुक्लाचरण नोतिया, मुख्य सचिव जेके सिन्हा, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. पीके चक्रवर्ती उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का पूर्वोत्तर क्षेत्र समग्र विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
आज पूर्वोत्तर क्षेत्र पूरे देश में अपने विकास, बेहतर संचार एवं बुनियादी ढांचे, शिक्षा प्रणाली, कृषि प्रणाली और निवेश के लिए जाना जाता है। पिछले 10 वर्षों में केंद्रीय मंत्रियों ने सकारात्मक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई बार पूर्वोत्तर क्षेत्र का दौरा किया है। जो पिछली सरकारों के दौरान अकल्पनीय था। केंद्र सरकार ने त्रिपुरा और पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए विशेष कदम उठाए हैं। त्रिपुरा राज्य में शांति स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार की पहल पर विभिन्न आतंकवादी समूहों के साथ तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। आज राज्य में कोई अलगाववादी समूह सक्रिय नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में ब्लू शरणार्थियों को स्थायी आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और आय प्रदान करके इस समस्या का दीर्घकालिक समाधान किया गया है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने इस कार्यक्रम में जिन लोगों को प्रस्ताव दिए गए, उनसे राज्य और देश के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध होने का आग्रह किया। उन्होंने पारदर्शिता के साथ योग्यता के आधार पर सभी को नौकरी देने के लिए मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा को धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने कहा कि कर्मचारी प्रशासन की मुख्य प्रेरक शक्ति हैं। सरकारी नीतियों, दिशा-निर्देशों और लोक कल्याण के लिए अपनाए गए कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाने में कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
इस मामले में कर्मचारियों को भी मजबूत मानसिकता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ काम करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन सहित विभिन्न पदों पर 369 और लोगों को नियुक्ति दी जा रही है। इसके अलावा, जेआरबीटी के माध्यम से राज्य सरकार के 37 विभागों में 2,437 मल्टी-टास्किंग स्टाफ पदों के लिए नियुक्ति की पेशकश की जा रही है। जो राज्य में भर्ती के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना है।
इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पारदर्शी भर्ती नीति बनाकर सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया जारी रखी है। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में टीईटी, जेआरबीटी और टीपीएससी के माध्यम से विभिन्न पदों पर भर्ती की जा रही है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि योग्य एवं प्रतिभाशाली लोग वंचित न रहें। भर्ती प्रक्रिया में पार्टी निष्ठा को प्राथमिकता देने के बजाय योग्यता और क्षमता को मान्यता दी जा रही है।
जेआरबीटी का गठन ग्रुप-सी और ग्रुप-डी पदों के लिए पारदर्शी तरीके से योग्य उम्मीदवारों का चयन करने के लिए किया गया है। इसके माध्यम से ग्रुप-सी एलडी क्लर्क, एग्री असिस्टेंट आदि पदों पर 1,980 लोगों का चयन कर उन्हें दिसंबर 2023 में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्त किया गया। सरकारी नौकरियों के लिए पीआरटीसी को अनिवार्य कर दिया गया है ताकि राज्य के युवाओं को राज्य में नौकरियां मिल सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2018-19 से जनवरी 2024-25 तक राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 16,451 लोगों की नियुक्ति की गई है।
टीआरबीटी, जेआरबीटी और टीपीएससी के अलावा विभिन्न विभागों में भी भर्ती नीति के अनुरूप नियुक्तियां की गई हैं। त्रिपुरा औद्योगिक विकास निगम ने पिछले तीन वर्षों में राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में 1,617 रोजगार के अवसर सृजित किए हैं। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना वित्तीय वर्ष 2023-24 में शुरू की गई है। समारोह में अपने स्वागत भाषण में श्रम मंत्री टिंकू रॉय ने कहा, “आज राज्य के लिए गौरवशाली दिन है।” वर्ष 2018 में राज्य में नई सरकार बनने के बाद से वह लगातार राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और महिलाओं के लिए स्वावलंबन की दिशा में काम कर रही है। मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा ने कार्यक्रम में धन्यवाद प्रस्ताव रखा।








