नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती समारोह: नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बलिदान के इतिहास को नई पीढ़ी तक अधिक से अधिक पहुंचाया जाना चाहिए: मुख्यमंत्री
ऑनलाइन डेस्क, 23 जनवरी 2025: नेताजी सुभाष चंद्र बोस देश के स्वतंत्रता आंदोलन के दिग्गज नेताओं में से एक थे। देश को आजाद कराने के लिए जिस तरह उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी, उसे हमेशा याद रखा जाएगा। सुभाष चंद्र बोस के बलिदान के इतिहास को नई पीढ़ी के सामने अधिक उजागर किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा ने आज नेताजी सुभाष विद्यानायकन मैदान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी देश के स्वतंत्रता संग्राम में अडिग योद्धा थे। ब्रिटिश शासक 11 बार कैद करने के बाद भी नेताजी को रोक नहीं सके। नेताजी ने अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध की घोषणा की और जापान के राजनीतिक और कूटनीतिक सहयोग से आज़ाद हिंद फौज का गठन किया।
नेताजी का प्रसिद्ध कथन, “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” आज भी देशवासियों के मन में अंकित है। युवाओं को नेताजी की देशभक्ति की अधिक से अधिक सराहना करनी चाहिए। नेताजी की देशभक्ति और आत्म-बलिदान के इतिहास को स्मरण करने के लिए वर्तमान केंद्र सरकार ने नेताजी के जन्मदिन को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में घोषित किया है।
कार्यक्रम में नेताजी सुभाष विद्यानिकेतन की स्कूल प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार दास. इस कार्यक्रम में अगरतला नगर निगम के महापौर दीपक मजूमदार, पार्षद रत्ना दत्ता और स्कूल प्रबंधन समिति के सचिव तपन चक्रवर्ती उपस्थित थे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उद्घाटन समारोह के बाद मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने एक रंगारंग जुलूस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नेताजी सुभाष विद्यानिकेतन के विद्यार्थियों के साथ-साथ अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भी जुलूस में भाग लिया।







