
सोनामुरा, 14 जनवरी, 2025 सोनामुरा के बट्टाली में दो दिवसीय पौष संक्रांति मेले का उद्घाटन, पौष संक्रांति भारतीय संस्कृति की बहती परंपरा है: वित्त मंत्री
ऑनलाइन डेस्क, 14 जनवरी 2024: पौष संक्रांति भारतीय संस्कृति की प्रवाहमान परंपरा है। पौष संक्रांति या मकर संक्रांति हमारे राज्य के विभिन्न भागों में पारंपरिक रूप से मनाई जाती है। इस अवसर पर मेले और त्यौहार आयोजित किये जाते हैं। राज्य सरकार इन सभी मेलों और त्योहारों के आयोजन में सहयोग देती रही है।
वित्त मंत्री प्रणजीत सिंघराई ने कल सूचना एवं संस्कृति विभाग तथा नालछार पंचायत समिति द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित सोनामुरा उपखंड के बट्टाली में दो दिवसीय पौष संक्रांति मेले का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। इस कार्यक्रम में बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “हमारा देश और राज्य कई भाषाओं और धर्मों के लोगों का मिलन स्थल है।” सरकार ने राज्य के सभी हिस्सों के लोगों की संस्कृति और विरासत को विकसित करने के लिए पहल की है।
वित्त मंत्री प्रणजीत सिंघराई ने भी कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत के निर्माण की पहल की है। इसी उद्देश्य से वर्तमान राज्य सरकार एक विकसित त्रिपुरा के निर्माण के लिए काम कर रही है। इस कार्य में राज्य के सभी भागों के लोगों की भागीदारी आवश्यक है, चाहे उनकी जाति, धर्म या नस्ल कुछ भी हो। सरकार विकास के लिए समावेशी विकास चाहती है। कार्यक्रम में विधायक रामपद जमातिया ने पौष संक्रांति मेले की परंपरा और महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
उद्घाटन समारोह में बोलने वालों में विधायक किशोर बर्मन, एमडीसी पद्म लोचन त्रिपुरा, जमातिया हाड़ा ज्योतिष जमातिया, नोवातिया हाड़ा प्रभारी नोवातिया, त्रिपुरी हाड़ा पूर्णचंद्र देबबर्मा और अन्य शामिल थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नालचर पंचायत समिति के अध्यक्ष स्वप्न कुमार दास ने की। मेला समिति के संयुक्त संयोजक एवं नालचर प्रखंड के बीडीओ सुरनजीत सरकार ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर सोनामुरा उपमंडल प्रशासक महेंद्र काम्बे चकमा, चंदनमुरा ग्राम पंचायत प्रमुख सुनील चंद्र दास, पूर्व मंत्री बिलाल मियां और अन्य उपस्थित थे।







