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पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने विशेष अभियान 4.0 का सफलतापूर्वक संपन्न किया

ऑनलाइन डेस्क 05 नवंबर, 2024: मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) ने सार्वजनिक शिकायतों का समाधान करने, स्वच्छता अभियान आयोजित करने, रिकॉर्ड प्रबंधन आदि के उद्देश्य से 2 से 31 अक्टूबर, 2024 के बीच आयोजित “विशेष अभियान 4.0” को प्रमुख मापदंडों पर निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करते हुए सफलतापूर्वक संपन्न किया है।

इस अभियान का नेतृत्व केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी (एफएएचडी) मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​​​ललन सिंह ने एफएएचडी राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी बघेल के साथ किया। सुश्री अलका उपाध्याय, सचिव (डीएएचडी) ने विभाग और उसके क्षेत्रीय संगठनों द्वारा विशेष अभियान 4.0 की प्रगति का नेतृत्व किया। इन संगठनों ने समर्पित रूप से भाग लेकर इसे सफलतापूर्वक पूरा किया, मुख्य रूप से स्वच्छता के संस्थागतकरण और कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया।

विशेष अभियान 4.0 के दौरान डीएएचडी की उपलब्धियाँ इस प्रकार हैं:-

    विशेष अभियान 4.0
क्रम संख्या मानदण्ड लक्ष्य उपलब्धियां
1. सांसदों के संदर्भ  5 5
2. संसदीय आश्वासन 2 2
3. आईएमसी संदर्भ (कैबिनेट प्रस्ताव) 0 0
4. राज्य सरकार के संदर्भ 0 0
5. जनता की शिकायतें 247 247
6. प्रधानमंत्री कार्यालय संदर्भ 2 2
7. लोक शिकायत अपील 98 85
8. नियमों/प्रक्रियाओं को आसान बनाना 1 1
9. भौतिक फ़ाइलों की समीक्षा 14800 भौतिक फाइलों की समीक्षा की गई और 9246 फाइलों का निस्तारण किया गया
10 फ़ाइलों की समीक्षा 780 780 फ़ाइलों की समीक्षा की गई और 260 को बंद कर दिया गया
11 स्थलों की साफसफाई 218 218
12 राजस्व की प्राप्ति 8,42,753 रुपये
13 स्क्रैप निपटान और फाइलों के निपटारे से रिक्त हुई जगह (वर्ग फीट) 1761

 

इस अवधि के दौरान, विशेष अभियान 4.0 की आवधिक प्रगति की निगरानी संयुक्त सचिव (प्रशासन/जीसी/पीसी) और अभियान के नोडल अधिकारी द्वारा लगातार की गई, जिन्होंने 23 सितंबर, 2024 और 16 अक्टूबर 2024 को कृषि भवन में उप-नोडल अधिकारी के साथ समीक्षा बैठक की।

इस संबंध में 23 अक्टूबर 2024 को मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के राज्य मंत्री प्रो. एस.पी.बघेल द्वारा एक समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें विभाग द्वारा संचालित विशेष अभियान 4.0 के अंतर्गत सभी गतिविधियों का अवलोकन किया गया। विभाग ने इसके बारे में जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक सोशल मीडिया अभियान भी चलाया।

विभागीय सर्वोत्तम अभ्यास:

स्थिरता और बेहतर जल प्रबंधन प्रणाली के लिए पशुपालन उत्कृष्टता केंद्र (सीईएएच), बैंगलूरू में तालाब सिंचाई प्रणाली अपनाई गई सबसे अच्छी पद्धति है। तालाब सिंचाई प्रणाली को अपनाकर क्षेत्रीय चारा स्टेशन (पशुपालन उत्कृष्टता केंद्र) वर्षा पर निर्भर प्रणाली से टिकाऊ तालाब प्रणाली बन गया है। यह प्रणाली किसानों को पूरे वर्ष भूमि से बेहतर फसल उत्पादन के लिए जल संरक्षण और ऊर्जा और जल संसाधनों के कुशल प्रबंधन में सहायता कर रही है।

 

PIB

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