♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की उच्चस्तरीय बैठक मुख्यमंत्री ने दूध, मछली, अंडे और मांस उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए वित्तीय सहायता की मांग की

ऑनलाइन डेस्क, 16 अप्रैल, 2025: मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने आज राज्य सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डोनर) की एक उच्च स्तरीय चर्चा बैठक में भाग लिया। इसमें पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को दूध, मछली, अंडे और मांस उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

इसके अलावा, संबंधित राज्यों में अन्य संभावित क्षेत्रों को विशेष महत्व देने पर भी चर्चा हुई। बैठक में मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने राज्य के हित के कई मुद्दों की ओर दानदाता मंत्रालय का ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने राज्य में दूध उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने, अंडा उत्पादन बढ़ाने, मांस उत्पादन बढ़ाने और मछली पालन के लिए डेयरी क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बैठक में पूर्वोत्तर क्षेत्रीय परिषद को आगामी पांच वर्षों में दूध, मछली, अंडे और मांस उत्पादन में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चल रही विभिन्न परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।

बैठक में मुख्यमंत्री ने एनईसी से मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए 124 करोड़ टका की लागत से 1,000 हेक्टेयर क्षेत्र में नए जल निकायों का निर्माण करने, 425 करोड़ टका की लागत से 5,000 हेक्टेयर जल निकायों का जीर्णोद्धार करने, वर्तमान में निर्मित 5,000 हेक्टेयर जल निकायों को एकीकृत मछली पालन के तहत लाने के लिए परियोजना शुरू करने, 120 करोड़ टका की लागत से मौजूदा 3,000 हेक्टेयर जल निकायों में मिश्रित मछली पालन के लिए परियोजना शुरू करने, 5 करोड़ टका की लागत से ब्रूड बैंक की स्थापना करने तथा 10 करोड़ टका की लागत से आधुनिक थोक और खुदरा मछली फ्राई बाजार स्थापित करने की मांग की।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अंडा उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं ग्राम समिति में स्वयं सहायता समूह/उत्पादक समूह के लिए मिनी हैचरी की स्थापना तथा सरकार के 6 मुर्गीपालन एवं बत्तख फार्मों के सुधार के लिए मुख्यमंत्री एनईसी से हस्तक्षेप की मांग की।

उन्होंने मांस उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य में मांस उत्पादन, प्रसंस्करण और पैकेजिंग केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। बैठक में पशु संसाधन विकास विभाग की सचिव दीपा डी. उपस्थित थीं। नायर, योजना विभाग सचिव एल.टी. डार्लोंग, पशु संसाधन विकास विभाग के निदेशक नीरज कुमार चंचल सहित अन्य लोग शामिल थे।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129