
कैबिनेट की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री सचिंद्र लाल सिंह की पत्नी को सरकारी आवास आवंटित करने का निर्णय लिया गया
ऑनलाइन डेस्क, 21 जून, 2023। राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय सचिन्द्र लाल सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा को पत्र लिखकर राज्य में रहने के लिए आवास की मांग की है।
91 वर्षीय श्रीमती सिंह की याचिका मुख्यमंत्री के संज्ञान में आई और उन्होंने मामले पर गंभीरता से विचार किया। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में आज वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय सचिंद्र लाल सिंह के योगदान को याद करने के लिए व्यापक चर्चा हुई और उनकी पत्नी की याचिका के अनुसार अगरतला में टाइप-फोर सरकारी आवास आवंटित करने का निर्णय लिया गया।
श्रीमती सिंह अपने शेष जीवन के लिए इस लाभ का आनंद ले सकती हैं। वर्तमान में वह फरीदाबाद, हरियाणा में रहते हैं।
आधुनिक त्रिपुरा के निर्माण में दिवंगत सचिंद्र लाल सिंह का योगदान निर्विवाद है।
सचिंद्र लाल सिंह ने 1 जुलाई 1963 से 1 नवंबर 1971 तक राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। वे स्वतंत्रता सेनानी रहे। वह पश्चिम त्रिपुरा लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे।
1971 में, उन्हें मरणोपरांत 1971 में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए बांग्लादेश सरकार द्वारा ‘फ्रेंड्स ऑफ़ लिबरेशन वॉर’ सम्मान से सम्मानित किया गया था। सचिंद्र लाल सिंह का निधन 9 दिसंबर 2000 को नई दिल्ली में हुआ था।
उनकी सह-पत्नी श्रीमती लक्ष्मी सिंह का अगरतला में अपना कोई घर नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्रियों के जीवनसाथी को इस तरह के लाभ का प्रावधान राज्य में एक मिसाल कहा जा सकता है।








