
‘नशा मुक्त त्रिपुरा’ शीर्षक से आयोजित गोष्ठी में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सबसे बड़ी पूंजी उसके युवा हैं
ऑनलाइन डेस्क, 3 मई 2023। देश का सबसे बड़ा धन युवा है। इस युवा शक्ति का उपयोग विकसित देश और राज्य के निर्माण में करने की जरूरत है। साथ ही युवक-युवतियों में देश व जनता की सेवा करने की मानसिकता विकसित की जाए।
मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने आज रवींद्र शताब्दी भवन में राज्य एनएसएस इकाई और युवा मामले और खेल विभाग द्वारा आयोजित ‘नेशामुक्त त्रिपुरा’ पर संगोष्ठी और रक्तदान शिविर का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि एनएसएस के माध्यम से विद्यार्थियों में समाज सेवा और अच्छे व्यक्तित्व की मानसिकता का निर्माण होता है। 1969 में, महात्मा गांधी की जन्म शताब्दी, देश में एनएसएस योजना शुरू की गई थी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य में 1976 में 6 विद्यालयों के 600 स्वयंसेवकों के साथ एनएसएस इकाई का गठन किया गया था। वर्तमान में राज्य में एनएसएस की 389 इकाइयों के 34 हजार 300 स्वयंसेवक हैं।
साथ ही एनएसएस इकाई के पास 600 स्वयंसेवकों के साथ 6 स्वयं के कोष हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा आने पर एनएसएस के स्वयंसेवक हमेशा लोगों के साथ खड़े रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि एनएसएस के स्वयंसेवक भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक कार्यों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवकों को भी एक सुंदर समाज के निर्माण की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
एनएसएस स्वयंसेवकों को नशा मुक्त त्रिपुरा के लिए राज्य सरकार के आह्वान के कार्यान्वयन में अग्रणी भूमिका निभानी है। साथ ही नशा कारोबारियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए सभी को जागरूक किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान महादान है, जो सभी दानों से ऊपर है। रक्तदान जैसे कार्यक्रमों में युवा समुदाय को अधिक से अधिक शामिल होना चाहिए।
इस मौके पर युवा मामले एवं खेल विभाग के सचिव प्रदीप कुमार चक्रवर्ती ने कहा कि युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित कर उसका उपयोग देश व प्रदेश के विकास में करना जरूरी है।
एनएसएस स्वयंसेवकों को नशा मुक्त त्रिपुरा बनाने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहिए। इसके अलावा, एनएसएस स्वयंसेवकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने का काम करना है।
कार्यक्रम में युवा मामले एवं खेल विभाग के निदेशक सत्यव्रत नाथ और एनएसएस के राज्य अधिकारी ने भी बात की। चित्रजीत भौमिक।








