
सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंधन संबंधी कानूनों में संशोधन
ऑनलाइन डेस्क, 22 नवंबर, 2022। त्रिपुरा सरकार सहायता प्राप्त स्कूल अधिनियम में संशोधन किया गया है। अभी तक ये स्कूल 2005 में बने नियमों के मुताबिक चल रहे थे।
वर्तमान में राज्य भर में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 43 विद्यालय हैं। इनमें से 29 हायर सेकेंडरी, 4 हाई स्कूल, 2 एसबी स्कूल और 8 प्राइमरी स्कूल हैं।
राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित 43 विद्यालयों में 26 हजार 409 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन स्कूलों में कुल 1426 टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ है।
संशोधित कानून के अनुसार, सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम 200 छात्र होने चाहिए। एक जूनियर हाई या एसबी स्कूल में ग्रेड 1 से 8 में कम से कम 250 और ग्रेड 5 से 8 में 120 छात्र होने चाहिए।
हाई स्कूलों में कक्षा 1 से 9 तक में कम से कम 400 और कक्षा 5 से 10 में 200 छात्र होने चाहिए। उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा I
से XII में कम से कम 600 छात्र और कक्षा V से XII में कम से कम 350 छात्र होने चाहिए। नए नियमों के अनुसार, इन स्कूलों के शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी अपना जीपीएफ पोस्ट ऑफिस के अलावा त्रिपुरा राज्य सहकारी बैंक, त्रिपुरा ग्रामीण बैंक या किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा कर सकते हैं।
विद्यालयों में शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति विद्यालय की प्रबंध समिति द्वारा की जायेगी। उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग के अनुमोदन से गठित चयन बोर्ड द्वारा अनुशंसित उम्मीदवारों के पूल से नियुक्त किया जाएगा। इन स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती त्रिपुरा के शिक्षक भर्ती बोर्ड के माध्यम से की जाएगी।
सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टीआरबीटी की मंजूरी की आवश्यकता नहीं है।
सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों को छात्र शिक्षक अनुपात का पालन करना होगा।
माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक परीक्षाओं के परिणामों के आधार पर इस विद्यालय के छात्रों के पठन स्तर का निर्धारण किया जाएगा। लगातार तीन साल तक परीक्षा परिणाम लक्ष्य तक नहीं पहुंचने पर स्कूल को पठन मानक को लक्ष्य तक लाने के लिए दो साल का समय दिया जाएगा।








