
सिविल सेवा अधिकारी संस्थान का शिलान्यास, अधिकारियों की कार्यकुशलता और अथक परिश्रम करने की मानसिकता ने अब प्रदेश और देश भर में मिसाल कायम की है: मुख्यमंत्री
ऑनलाइन डेस्क, 18 मई 2025: राज्य की जनकल्याणकारी परियोजनाओं को सही ढंग से क्रियान्वित करने, विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के माध्यम से राज्य को आगे बढ़ाने तथा जनता की सेवा करने में अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। लोग सिविल सेवा अधिकारियों को उनके काम के आधार पर याद रखते हैं। इसलिए, अपने काम के प्रति स्वयं जिम्मेदार होना आवश्यक है। आपको अपनी जिम्मेदारियों को पारदर्शिता के साथ और समय पर पूरा करना होगा।
इस प्रकार कार्य करने से ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना संभव हो सकेगा। मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा ने आज अगरतला के कुंजाबन में सिविल सेवा अधिकारी संस्थान के नए भवन की आधारशिला रखने और रक्तदान शिविर का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को ‘भारत का इस्पात ढांचा’ कहा था। यह कथन पूर्णतः सत्य है।
क्योंकि सभी स्तरों पर अधिकारियों के जिम्मेदार प्रयासों से ही राज्य प्रशासन को हाशिए के क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचाना संभव है। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने त्रिपुरा में एनईसी के पूर्ण अधिवेशन के सफल आयोजन तथा पिछले अगस्त में राज्य में आई विनाशकारी बाढ़ में सिविल सेवा अधिकारियों की अनुकरणीय भूमिका का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सिविल सेवा अधिकारियों के पास जनता के लिए काम करने का एक बड़ा अवसर है।
वर्तमान राज्य सरकार ने पारदर्शी तरीके से सभी को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। राज्य की महिलाएं अब प्रशासनिक क्षेत्र में समान दक्षता के साथ काम कर रही हैं। राज्य में वर्तमान में 59 आईएएस अधिकारी, 42 आईपीएस अधिकारी, 40 आईएफएस अधिकारी के साथ-साथ विभिन्न विभागों में कई अन्य अधिकारी कार्यरत हैं। राज्य में 470 टीसीएस अधिकारी, 152 टीपीएस अधिकारी और 50 टीएफएस अधिकारी भी कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यह भी कहा कि इस नए भवन का शिलान्यास सिविल सेवा अधिकारियों के लिए मील का पत्थर है। निर्माण हो जाने पर यह भवन अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में बहुत सहायक होगा। इसके अलावा, इस तरह की पहल के परिणामस्वरूप एक-दूसरे के साथ संबंध भी मजबूत होंगे। सिविल सेवा अधिकारी राज्य में काम करने के लिए अधिक आकर्षित होंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की कार्यकुशलता और अथक कार्यशैली ने अब राज्य और पूरे देश के लिए एक मिसाल कायम कर दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए काम कर रहे हैं। इसलिए, बेहतर त्रिपुरा और बेहतर भारत के निर्माण के लिए सभी को आगे आना होगा। मुख्यमंत्री ने राज्य के समग्र विकास में सिविल सेवा अधिकारियों के ईमानदार प्रयासों और आज के रक्तदान जैसी महान पहल के लिए उन्हें बधाई दी। कार्यक्रम शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ने रक्तदान शिविर का दौरा किया और रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में राज्य के मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा ने कहा कि छोटे से राज्य त्रिपुरा में इस समय विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जिसकी देशभर में सराहना हो रही है। राज्य के बढ़ते विकास के साथ ही सिविल सेवा अधिकारियों के लिए नए भवन का शिलान्यास राज्य की प्रगति का प्रतिबिंब है। चुनावों के दौरान, विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में, या आपदा के समय सिविल सेवा अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। यह बात उनके कार्य से पहले ही सिद्ध हो चुकी है। उन्होंने सिविल सेवा अधिकारियों से निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ काम करने का आग्रह किया। मुख्य सचिव ने आशा व्यक्त की कि सिविल सेवा अधिकारियों का कार्य आने वाले दिनों में त्रिपुरा को विकास के शिखर तक पहुंचाने में सहायक भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में अपने स्वागत भाषण में सुशासन विभाग के सचिव किरण गिट्टी ने कहा कि पारदर्शी सामाजिक बुनियादी ढांचे के निर्माण में सिविल सेवक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नए भवन का निर्माण हो जाने पर इसमें सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिनमें पुस्तकालय, इनडोर खेल और अधिकारियों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम की सुविधाएं शामिल होंगी। मंच पर राज्य पुलिस महानिदेशक अनुराग, पीसीसीएफ आरके सामल भी उपस्थित थे।







