
बच्चों की प्रतिभा को निखारने में माता-पिता और समाज के सभी नागरिकों की अहम जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री
ऑनलाइन डेस्क, 24 दिसंबर, 2022। हर बच्चा कुछ न कुछ टैलेंट लेकर पैदा होता है। बच्चों की उस अंतर्निहित प्रतिभा को विकसित करने में माता-पिता सहित समाज के सभी नागरिकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
यह बात मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने आज अगरतला गोएश चलो संघ द्वारा आयोजित 34वें शिशु मेला-2022 का विधिवत उद्घाटन करते हुए कही. उन्होंने कहा, अगर माता-पिता अपनी जरूरतें बच्चों पर थोपेंगे तो बच्चों का वास्तविक विकास बाधित हो सकता है।
इसलिए माता-पिता को हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों पर किसी भी परिस्थिति में कोई दबाव न बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि माता-पिता बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें।
इस सर्वोत्तम स्थान पर शिक्षा के माध्यम से ही माता-पिता को यह स्पष्ट पता चलेगा कि उनके बच्चे की रुचि किसमें है जिससे बच्चे के उचित प्रबंधन में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने गोरे चलो संघ के इस शिशु मेला कार्यक्रम की समग्र सफलता की कामना की।
अगरतला पुर निगम पार्षद जान्हवी दास चौधरी ने इस कार्यक्रम में कहा कि वर्तमान में बच्चे मोबाइल फोन के आदी हो रहे हैं। इससे निजात पाने के लिए इस तरह का बाल मेला नितांत आवश्यक है।
उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेलकूद समेत विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में बच्चों को शामिल करने पर जोर दिया। त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष तपन लोध और गेहे चलो संघ के महासचिव सुमंत गुप्ता ने इस अवसर पर बात की।
स्वागत भाषण शिशुमेला झलक डे की संयोजक ने दिया। गोरे चलो संघ के अध्यक्ष चंचल नंदी ने धन्यवाद भाषण दिया। इस अवसर पर प्रसिद्ध बाल एथलीट मृणमयी सूत्रधार को खेल के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए 5000 रुपये के मौद्रिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने मृण्मयी सूत्रधार को मौद्रिक पुरस्कार प्रदान किया। गौरतलब है कि गोरे चलो संघ द्वारा आयोजित यह शिशु मेला 2 जनवरी 2023 तक चलेगा।








