
जनजातीय कार्य मंत्रालय ने केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन मुंडा के साथ 378 स्कूलों के ईएमआरएस विद्यार्थियों की आभासी बातचीत ‘संवाद’ का आयोजन किया
जनजातीय कार्य मंत्रालय ने विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आज केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन मुंडा और जनजातीय कार्य एवं जल शक्ति राज्य मंत्री श्री विश्वेश्वर टुडु के साथ एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की आभासी बातचीत का आयोजन किया। आज के संवाद सत्र में 378 ईएमआरएस आभासी रूप से सम्मिलित हुए।
इस अवसर पर, जनजातीय कार्य मंत्रालय में सचिव श्री अनिल कुमार झा और ईएमआरएस, नेस्ट के अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम का आरंभ कुजरा, झारखंड के ईएमआरएस विद्यार्थियों द्वारा स्वागत गीत की प्रस्तुति के साथ हुआ।
श्री अर्जुन मुंडा के साथ बातचीत करते हुए ईएमआरएस के विद्यार्थियों ने श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को स्वतंत्रता के बाद से हमारे देश की प्रथम जनजातीय राष्ट्रपति नियुक्त किए जाने पर प्रसन्न्ता व्यक्त की। विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि सरकार ने जनजातीय आबादी की शिक्षा की चुनौती को मिशन मोड में लिया है और जनजातीय कार्य मंत्रालय उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि ये स्कूल जनजातीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जनजातीय विद्यार्थियों के लिए विदेश में शिक्षा सहित उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्तियां उपलब्ध हैं और जनजातीय कार्य मंत्रालय इसके लिए विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति प्रदान करता है।
श्री अर्जुन मुंडा ने अपने संबोधन में कहा कि आज हम विश्व आदिवासी दिवस मना रहे हैं, ऐसे में यह गौरव का क्षण है कि एक जनजातीय महिला श्रीमती द्रौपदी मुर्मू भारत की राष्ट्रपति निर्वाचित हुई हैं और उनकी यात्रा भारत के सभी जनजातीय लोगों के लिए प्रेरणादायक है। इस विशेष दिन के अवसर पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में उनका निर्वाचन भारतीय लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है।
श्री अर्जुन मुंडा ने सभी ईएमआरएस विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस वर्ष जनजातीय गौरव मनाने के लिए बिरसा मुंडा और अन्य जनजातीय नायकों के बारे में एक निबंध लिखें और उसे मंत्रालय को भेजें। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति जल, जंगल और जमीन के महत्व को समझती है। उन्होंने पर्यावरण के संरक्षण के लिए सभी ईएमआरएस विद्यार्थियों से अपने स्कूलों, गांवों में पेड़ लगाने और दूसरों को वृक्षारोपण अभियान चलाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
श्री अर्जुन मुंडा ने लगभग 1 लाख ईएमआरएस विद्यार्थियों से आजादी का अमृत महोत्सव समारोह के तहत हर घर तिरंगा अभियान में भाग लेने का भी आग्रह किया।
इस अवसर पर जनजातीय कार्य एवं जल शक्ति राज्य मंत्री श्री विश्वेश्वर टुडु ने कहा कि शिक्षकों और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विद्यार्थी अच्छे अंक लाने के साथ-साथ अच्छे नागरिक और अच्छे इंसान भी बनें। उन्होंने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति का पालन करते हुए विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की भी अपील की।
जनजातीय कार्य मंत्रालय में सचिव श्री अनिल कुमार झा ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करते हुए उसकी सफलता के द्वार खोलती है। उन्होंने प्रत्येक स्कूल और विद्यार्थी को अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का प्रयास करने का आग्रह किया।








