
समाज की भलाई के लिए ब्लड डोनेशन प्रोग्राम ज़्यादा होने चाहिए: मुख्यमंत्री
प्रगति त्रिपुरा, 03 मई, 2026: खून का कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है। जैसे खून लेने वाले को खून देने से फायदा होता है, वैसे ही खून देने वाले को भी फिजिकली और मेंटली फायदा होता है। ब्लड डोनेशन प्रोग्राम में त्रिपुरा देश के दूसरे राज्यों से काफी आगे है। आज राज्य में ब्लड डोनेशन प्रोग्राम एक मूवमेंट बन गया है। समाज की भलाई के लिए ब्लड डोनेशन प्रोग्राम ज़्यादा से ज़्यादा होने चाहिए। मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा ने आज अगरतला के रामनगर में रामकृष्ण क्लब की तरफ से लगाए गए ब्लड डोनेशन कैंप का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 से 65 साल की उम्र का कोई भी व्यक्ति ब्लड डोनेट कर सकता है। सभी को ब्लड डोनेट करने के लिए आगे आना चाहिए। आबादी के हिसाब से राज्य को ब्लड बैंकों में चालीस हजार यूनिट ब्लड स्टोर करने की ज़रूरत है। राज्य में इससे ज़्यादा ब्लड स्टोर है। पहले राज्य में ब्लड सेल्स को अलग करने की कोई यूनिट नहीं थी।
अभी अस्पतालों में सेपरेशन यूनिट बनाई गई हैं। अभी राज्य में काफी ब्लड बैंक बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राज्य के क्लबों में अच्छा माहौल नहीं था। आजकल क्लब ब्लड डोनेशन समेत कई तरह के समाज सेवा के कामों में तेज़ी से शामिल हो रहे हैं, जो समाज के लिए एक अच्छा संकेत है। खासकर आज क्लब और कई सामाजिक संगठन महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे हैं। इनके ज़रिए महिलाएं भी अलग-अलग सेवा के कामों के लिए आगे आ रही हैं, जिसकी पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को आगे ले जाने के लिए महिला सशक्तिकरण पर खास ज़ोर दिया है।
ब्लड डोनेशन कैंप में मुख्यमंत्री ने ब्लड डोनर्स से बात की और उनकी शारीरिक हालत के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने इस ब्लड डोनेशन कैंप में आई एक खास काबिल महिला ब्लड डोनर की तारीफ़ की और कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है। प्रोग्राम के खास मेहमान अगरतला नगर निगम के मेयर और MLA दीपक मजूमदार ने कहा कि आज राज्य में ब्लड डोनेशन एक त्योहार बन गया है। प्रोग्राम में रामकृष्ण क्लब की एडवाइज़री कमिटी के सेक्रेटरी नांटू भट्टाचार्य समेत कई लोगों ने बात की। रामकृष्ण क्लब के प्रेसिडेंट निर्मल वर्धन और सेक्रेटरी संजय मजूमदार मौजूद थे।








