
त्रिपुरा में बेहतर, ट्रांसपेरेंट और आसानी से मिलने वाली हेल्थ सर्विस पक्का करने के लिए एक नई डिजिटल क्रांति
ऑनलाइन डेस्क, 2 अप्रैल, 2026: त्रिपुरा सरकार ने डिजिटल सर्विस का इस्तेमाल करके लोगों की मेडिकल सर्विस को और बेहतर, ट्रांसपेरेंट और आसानी से मिलने वाला बनाने के लिए एक बड़ी पहल की है। राज्य के सभी ज़िला, सब-डिवीज़न हॉस्पिटल, ग्रामीण हॉस्पिटल और प्राइमरी हेल्थ सेंटर में इंटीग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसके चलते, मरीज़ QR कोड स्कैन करके आउटपेशेंट डिपार्टमेंट में जल्दी से टिकट ले सकेंगे और अपनी हेल्थ से जुड़ी सभी जानकारी आसानी से पा सकेंगे। यह प्रोजेक्ट राज्य के पिछड़े इलाकों के हर नागरिक को मॉडर्न और जानकारी पर आधारित इलाज देने के लिए कमिटेड है। इस पहल से राज्य के लोगों को फ़ायदा होगा। आज स्वास्थ्य सचिव किरण गिट्टे, स्वास्थ्य निदेशक डॉ देबश्री देबबर्मा, राज्य मिशन निदेशक एबीडीएम डॉ जी शराख नायक, स्वास्थ्य अधिकार कार्यालय के प्रमुख डॉ राजेश अनिल आचार्य, स्वास्थ्य अधिकार के उप निदेशक डॉ आलोक दीवान और बेसिल के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य के लोगों के हित में इस आईएचएमआईएस सेवा को सफल बनाने के प्रयासों में कोई चूक नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने बेसिल के प्रतिनिधियों को इस गतिविधि को सौ प्रतिशत सफल बनाने के निर्देश दिए और संबंधित अधिकारियों को सभी सामग्रियों की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने कहा कि वे सावधान रहें ताकि इस काम में कोई लापरवाही न हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस काम में राज्य के संबंधित डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों की भूमिका सुनिश्चित की जानी चाहिए। गौरतलब है कि 30 मार्च को आईएचएमआईएस के कार्यान्वयन के लिए मेसर्स ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (बेसिल) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए IHMIS प्रोजेक्ट राज्य की हेल्थ सर्विसेज़ को पूरी तरह से डिजिटल बनाने के मकसद से शुरू होने जा रहा है। इसके मुख्य पहलुओं में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड शामिल हैं। इसके ज़रिए राज्य के हर नागरिक का एक डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड बनाया जाएगा, ताकि जब मरीज़ किसी भी सरकारी अस्पताल में जाए, तो डॉक्टर उसके पिछले इलाज की जानकारी आसानी से देख सकें। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन है।
यह सिस्टम केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़ा है, जिसके ज़रिए हर नागरिक के लिए एक AVA (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) ID बनाई जाएगी। पेपरलेस सर्विसेज़ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन ताकि अस्पताल के आउट पेशेंट डिपार्टमेंट और इमरजेंसी डिपार्टमेंट में लंबी लाइनें कम हों। AVA पहले से ही राज्य के अस्पतालों, सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पतालों समेत कई प्राइमरी अस्पतालों में उपलब्ध है। इस बार इसे सभी प्राइमरी हेल्थ सेंटर तक बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही एक ई-प्रिस्क्रिप्शन सिस्टम भी शुरू किया जाएगा। एक टेली-कंसल्टेशन सिस्टम है। IHMIS के ज़रिए टेली-मेडिसिन सर्विसेज़ को मज़बूत किया जा रहा है ताकि दूर-दराज के इलाकों के लोग सीधे अगरतला GBP अस्पताल या IGM अस्पताल में स्पेशलिस्ट से सलाह ले सकें। यह जानकारी ABDM त्रिपुरा के स्टेट मिशन डायरेक्टर ने एक बयान में दी।







