
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने कहा- राज्य में एक्सीडेंट के शिकार लोगों के लिए प्रधानमंत्री राहत स्कीम शुरू की गई है
ऑनलाइन डेस्क, 27 फरवरी, 2026: प्रधानमंत्री राहत (PM-RAHT) स्कीम यह पक्का करने के लिए शुरू की गई है कि सड़क एक्सीडेंट के शिकार लोगों को तुरंत मेडिकल सर्विस में कोई रुकावट न आए। यह स्कीम केंद्रीय सड़क ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन और हाईवे मिनिस्ट्री के तहत लागू की जाएगी। इस स्कीम के तहत, एक्सीडेंट के शिकार लोगों को अस्पतालों में ज़्यादा से ज़्यादा 7 दिनों के इलाज के लिए ज़्यादा से ज़्यादा 1 लाख 50 हज़ार रुपये दिए जाएंगे।
हालांकि, ज़्यादा रकम मेडिकल सर्विस पाने वाले लोगों के परिवारों को उठानी होगी। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर सुशांत चौधरी ने आज सेक्रेटेरिएट के प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस स्कीम के बारे में डिटेल में जानकारी देते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट, सिक्योरिटी, हेल्थ और फैमिली वेलफेयर डिपार्टमेंट मिलकर इस स्कीम को लागू करने में सहयोग करेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने कहा कि यह स्कीम इसलिए शुरू की गई है ताकि सड़क हादसों में घायल लोगों को मेडिकल सर्विस मिलने में कोई दिक्कत न हो।
इस बारे में कल वर्चुअल मीटिंग केंद्रीय सड़क, संचार और हाईवे मिनिस्टर नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट के ज़रिए इस बात पर खास ध्यान दिया गया है कि पैसे की कमी की वजह से कोई भी मेडिकल सर्विस से वंचित न रहे। राज्य में इस प्रोजेक्ट के तहत 7 प्राइवेट हॉस्पिटल समेत कुल 141 छोटे, बड़े और राज्य लेवल के हॉस्पिटल रजिस्टर्ड हैं। जहां एक्सीडेंट के शिकार लोगों को ले जाते समय सर्विस शुरू करने में कोई देरी या एडमिनिस्ट्रेटिव कारण नहीं बताए जा सकते। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने यह भी कहा कि राज्य में राह-बीर स्कीम पहले से ही चल रही है।
जिसके ज़रिए अगर कोई एक्सीडेंट के शिकार व्यक्ति को एक्सीडेंट के पहले 1 घंटे के अंदर हॉस्पिटल पहुंचाता है, तो सरकार 25,000 रुपये की आर्थिक मदद देती है। इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक राज्य में 9 और नेशनल लेवल पर 1 DSP को सम्मानित किया जा चुका है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर सुशांत चौधरी ने उम्मीद जताई कि इस प्रोजेक्ट से सड़क हादसों में होने वाली मौतों की दर में काफी कमी आएगी। इसके अलावा, हादसे में मारे गए लोगों के परिवार वालों पर पैसे का बोझ भी काफी कम होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में इस प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए ज़रूरी इंतज़ाम पहले ही कर लिए गए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी यूके चकमा, IG (लॉ एंड ऑर्डर) मंचक इल्लर, राज्य में आयुष के CEO शरद नायर और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के एडिशनल सेक्रेटरी सुब्रत चौधरी भी मौजूद थे।







