
सरदार वल्लभभाई पटेल एकता मार्च का उद्घाटन कर अखंड और समृद्ध भारत का निर्माण करना चाहते थे: मुख्यमंत्री
ऑनलाइन डेस्क, 10 नवंबर, 2025: सरदार वल्लभभाई पटेल ने भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने हमेशा एक अखंड और समृद्ध भारत के निर्माण का सपना देखा। अखंड भारत और एक मजबूत भारत के निर्माण में उनका योगदान निर्विवाद है। मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा ने आज उज्जयंत प्रसाद परिसर में स्वतंत्र देश के पहले उप प्रधानमंत्री स्वर्गीय सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एकता मार्च का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। युवा मामले और खेल विभाग ने इस एकता मार्च का आयोजन किया था।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा ने कहा कि केंद्र सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय ने पहली बार एकता मार्च का शुभारंभ किया है। इस उद्देश्य के लिए, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पूरे वर्ष विभिन्न कार्यक्रम किए हैं। राज्य सरकार ने भी विभिन्न कार्यक्रम किए हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हम सब में देशभक्ति की भावना जागृत करना और देश को मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वल्लभभाई पटेल के प्रति सच्चा सम्मान प्रकट करने के लिए उनके जन्मदिन 31 अक्टूबर 2014 को एकता दिवस के रूप में घोषित किया था। इससे पहले किसी भी प्रधानमंत्री ने यह घोषणा नहीं की थी।
साथ ही प्रधानमंत्री ने देश के उन सभी वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देने की भी पहल की है जिन्होंने देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल एक अखंड और समृद्ध भारत का निर्माण करना चाहते थे। उनका मानना था कि भारत की विविधता में एकता विद्यमान है। उन्होंने कहा कि भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने लगभग 562 रियासतों को हमारे देश में शामिल किया। यह उनके गृह मंत्री रहते हुए संभव हुआ। फिर भी आज हम देखते हैं कि देश के अंदर और बाहर कुछ आसुरी ताकतें देश को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं।
हमें उन लोगों पर नजर रखनी होगी जो देश की अखंडता को भंग करने के लिए ऐसी गतिविधियों में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में गुजरात में नर्मदा नदी के तट पर सरदार वल्लभभाई पटेल की एक पूर्ण लंबाई वाली प्रतिमा का अनावरण किया ताकि उनके आदर्शों और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके। यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। आज देश-विदेश से कई पर्यटक इस प्रतिमा के दर्शन करने आए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वल्लभभाई पटेल के आदर्शों और लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए एक अखंड भारत, एक श्रेष्ठ भारत के निर्माण का आह्वान किया है। उन्होंने नई पीढ़ी से देशभक्ति से प्रेरित होने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने एकता मार्च में सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।
कार्यक्रम शुरू होने से पहले, मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा, युवा मामले और खेल मंत्री टिस्कू रॉय, राज्यसभा सांसद राजीव भट्टाचार्य, पश्चिम त्रिपुरा जिला परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष बिश्वजीत शील, विधायक मीनारानी सरकार, पश्चिम जिले के जिलाधिकारी डॉ. विशाल कुमार और अन्य ने सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने सभी को एकता मार्च की शपथ दिलाई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर आसमान में गुब्बारे छोड़कर एकता मार्च का शुभारंभ किया।
एकता मार्च उज्जयंत पैलेस परिसर से शुरू हुआ। मुख्यमंत्री के अलावा खेल मंत्री, सांसद, कार्यवाहक राष्ट्रपति, विधायक, जिलाधिकारी, युवा मामले एवं खेल विभाग के निदेशक एल. दारलोंग, सूचना एवं संस्कृति विभाग के निदेशक बिम्बिसार भट्टाचार्य, पश्चिम जिले के पुलिस अधीक्षक नमित पाठक, द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच विश्वेश्वर नंदी, अर्जुन पुरस्कार विजेता मोंटू देबनाथ के साथ ही बीएसएफ, सीआरपीएफ, असम राइफल्स के जवान, टीएसआर, एनसीसी, एनएसएस कैडेट, स्कूल-कॉलेजों के छात्र-छात्राएं एकता मार्च में शामिल हुए। मार्च का समापन हापनिया स्थित अंतरराष्ट्रीय मेला परिसर में हुआ। समापन समारोह में युवा मामले एवं खेल मंत्री टिंटू रॉय ने सभी को नशा मुक्त भारत और त्रिपुरा के निर्माण की शपथ दिलाई।







