
छात्रों को अधिक विज्ञान-प्रेमी होने की आवश्यकता है: विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण मंत्री
ऑनलाइन डेस्क, 5 नवंबर, 2025: छात्रों को अधिक विज्ञान-प्रेमी होने की आवश्यकता है। उन्हें समाज की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए नई तकनीकों का उपयोग करने और अपनी नवोन्मेषी शक्ति का अभ्यास करने की आवश्यकता है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग ने उनके रचनात्मक कार्यों के लिए वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था की है ताकि वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन कर सकें। विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण मंत्री अनिमेष देबबर्मा ने आज प्रज्ञा भवन के हॉल नंबर 1 में आयोजित दो दिवसीय 8वें छात्र परियोजना कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।
त्रिपुरा राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया है। इसका उद्देश्य राज्य के स्नातकोत्तर, स्नातक, डिप्लोमा और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा संस्थानों के छात्रों को प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग के माध्यम से समाज की समस्याओं के समाधान के लिए प्रोत्साहित करना है। आज 20 उच्च एवं तकनीकी शिक्षा संस्थानों से चुने गए 36 विज्ञान मॉडल प्रदर्शित किए गए। इनमें ड्रोन, सौर ऊर्जा, जैव-उर्वरक, मशरूम की खेती, जल संचयन आदि शामिल हैं। इस वर्ष इस आयोजन का मुख्य विषय ‘सतत विकास के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकियाँ’ है।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण मंत्री अनिमेष देबबर्मा ने उपस्थित छात्रों से समाज की विभिन्न समस्याओं को कम करने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी को एक चुनौती के रूप में लेने का आग्रह किया। इस संबंध में उन्होंने शिक्षकों को उन्हें रास्ता दिखाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विभाग हर साल इस तरह के आयोजन करता है। राज्य सरकार छात्रों को विज्ञान की पढ़ाई के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि आज छात्रों द्वारा प्रस्तुत सभी नई परियोजनाओं में से सर्वश्रेष्ठ परियोजनाओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
विभाग यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि आने वाले दिनों में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में मॉडल अच्छा प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जैव-उर्वरता पद्धति का उपयोग करके खाद्य और अन्य उत्पादों को कृत्रिम रूप से कैसे उत्पादित किया जा सकता है, उनका विपणन किया जा सकता है और औद्योगिक उद्यमियों तक पहुँचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह विभाग इस विषय पर व्यापारियों और उद्योगपतियों के साथ एक चर्चा समूह का आयोजन करेगा। विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य मूर्ति ने 8वें छात्र परियोजना कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा की। प्रोफेसर अरुण भाई पटेल, डीन, मत्स्य महाविद्यालय, लेम्बुछरा ने भी विचार रखे।
विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग के निदेशक महेंद्र सिंह ने स्वागत भाषण दिया। त्रिपुरा राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अकादमी की वैज्ञानिक डॉ. रीता रॉय ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इसके बाद तकनीकी सत्र में विभिन्न महाविद्यालयों एवं तकनीकी महाविद्यालयों से आए छात्रों ने अपने मॉडल की विषय-वस्तु पर चर्चा की। कार्यक्रम में कई प्रोफेसर, व्याख्याता, शिक्षक, छात्र एवं छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने सर्वश्रेष्ठ छात्र परियोजना स्नातक वर्ग में 3 छात्रों और स्नातकोत्तर वर्ग में 3 छात्रों को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए।








