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काजी नजरूल इस्लाम की 124वीं जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि समारोह, काजी नजरूल इस्लाम ने अपनी रचनाओं से समाज को किया जागरूक : समाज कल्याण मंत्री

ऑनलाइन डेस्क, 26 मई, 2023: काजी नजरुल इस्लाम की 124वीं जयंती के मौके पर आज शाम रवींद्र शताब्दी भवन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर समाज कल्याण एवं सामाजिक शिक्षा मंत्री टिंगकू राय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। समाज कल्याण एवं सामाजिक शिक्षा मंत्री टिंगकू राय ने कहा कि कवि काजी नजरूल इस्लाम कम्युनिस्ट कवि थे।

कवि ने अपनी रचनाओं से समाज को जागरूक किया और अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में भारत के लोगों को भी प्रेरित किया। ब्रिटिश कुशासन के खिलाफ खुद कवि काजी नजरुल इस्लाम ने बिना समझौता किए लड़ाई लड़ी समाज कल्याण मंत्री ने यह भी कहा कि काजी नजरुल इस्लाम श्यामा ने गीत, गजल और देशभक्ति गीतों की रचना की है।

उनकी रचनाएँ आज भी हमें प्रेरणा देती हैं। समाज कल्याण मंत्री ने वर्तमान पीढ़ी से नजरुल के आदर्शों से प्रेरित होने का आग्रह किया
कार्यक्रम में सूचना एवं संस्कृति विभाग के सचिव।

पीके चक्रवर्ती ने कहा, काजी नजरूल इस्लाम कालजयी कवि थे वह बंगाली साहित्य के सितारों में से एक थे समाज के सभी अन्याय के खिलाफ लड़ाई में कवि ने अग्रणी भूमिका निभाई।

सेवानिवृत्त असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नारायण भट्टाचार्य काज़ी नज़रुल इस्लाम के जीवन और साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हैं। इस अवसर पर सूचना एवं संस्कृति विभाग के निदेशक बिंबिसार भट्टाचार्य ने स्वागत भाषण दिया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने काजी नजरुल इस्लाम के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। काजी नजरूल इस्लाम की 124वीं जयंती के मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया गया।

कार्यक्रम में एकल संगीत, एकल नृत्य, सस्वर पाठ, सामूहिक संगीत, सामूहिक नृत्य, सामूहिक गायन और ऑडियो नाटक का प्रदर्शन किया गया।

एकल संगीत में अनिंदिता रॉय, दीपा चक्रवर्ती, देवव्रत चटर्जी, ननिगोपाल देबवर्मा, पियाली चक्रवर्ती, अनिंदिता साहा ने हिस्सा लिया। देबज्योति लस्कर और दिब्येंदु घोष ने एकल नृत्य में भाग लिया।

बाचिक कलाकार प्रणब साहा ने पाठ प्रस्तुत किया सामूहिक संगीत में सुर अंजलि व सुर मल्लाड कल्चरल सोसायटी ने भाग लिया गुरुकुल एमटी संस्थान और खोवाई के नृत्यांगन नृत्य अकादमी के कलाकारों ने कलाकारों की टुकड़ी नृत्य में भाग लिया।

अर्काद्युति संस्कृति संस्थान के बाचिक कलाकारों ने सामूहिक गायन में भाग लिया। श्रुति नाटक की प्रस्तुति पारंपरिक सांस्कृतिक संस्थाओं के कलाकारों ने की। सचिन देवबर्मन गवर्नमेंट म्यूजिक कॉलेज के छात्रों ने कार्यक्रम के उद्घाटन संगीत की प्रस्तुति दी।

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