
यह सही समय पर की गई पहल है: मुख्यमंत्री ने रेवेन्यू और वर्क्स डिपार्टमेंट और इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट के बीच 2 MoU सौंपे
ऑनलाइन डेस्क, 31 दिसंबर 2025: राज्य के मौसम पूर्वानुमान सिस्टम को और मज़बूत और मजबूत करने के लिए, राज्य सरकार के रेवेन्यू डिपार्टमेंट और वर्क्स (वॉटर रिसोर्स) डिपार्टमेंट और इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट के बीच साइन किए गए दो MoU आज मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा की मौजूदगी में सौंपे गए। राज्य रेवेन्यू डिपार्टमेंट की तरफ से सेक्रेटरी बृजेश पांडे और वर्क्स डिपार्टमेंट की तरफ से सेक्रेटरी किरण गीते ने ये दोनों MoU अलग-अलग इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट के डायरेक्टर जनरल डॉ. मृत्युंजय महापात्रा को सौंपे। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी लेन में स्थित त्रिपुरा इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन के ऑफिस में मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा और इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट के डायरेक्टर जनरल डॉ. श्री मृत्युंजय महापात्रा के साथ शिष्टाचार मुलाकात के दौरान एग्रीमेंट हैंडओवर सेरेमनी का आयोजन किया गया।
इंटरव्यू के दौरान मौसम विभाग के महानिदेशक ने मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा को पुष्पमाला और स्मृति चिह्न भेंट कर शुभकामनाएं दीं। इंटरव्यू के दौरान राजस्व सचिव बृजेश पांडे और निर्माण सचिव किरण गिट्टे, मौसम विभाग के रडार परियोजना प्रमुख सोमा सेन रॉय, वैज्ञानिक शंकर नाथ, राजस्व विभाग के अतिरिक्त सचिव अरुण कुमार रॉय, राज्य आपदा प्रबंधन के परियोजना अधिकारी डॉ. शरत कुमार दास और अन्य उपस्थित थे। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पूरे राज्य की मौसम पूर्वानुमान प्रणाली को और मजबूत करने के लिए बेलोनिया में डॉप्लर मौसम रडार स्थापित करने के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग को 0.22 एकड़ जमीन मुफ्त में दी है।
निर्माण (जल संसाधन) विभाग के 3 स्वचालित मौसम स्टेशनों के रखरखाव और डेटा समन्वय सुनिश्चित करने का काम भारत मौसम विज्ञान विभाग को सौंप दिया गया है। इंटरव्यू के दौरान चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने कहा कि यह एक समयबद्ध पहल है। इस अत्याधुनिक रडार प्रणाली से कृषि, जल संसाधन, बिजली, आपदा प्रबंधन, बुनियादी ढांचा विकास जैसे क्षेत्रों को काफी लाभ होगा। यह डॉप्लर वेदर रडार मौसम की भविष्यवाणी और शुरुआती चेतावनी सिस्टम में मददगार होगा। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट डॉप्लर वेदर रडार बन जाएगा।







