
CM ने CM-SAT प्रोग्राम का उद्घाटन किया, सरकार चाहती है कि पैसे की कमी की वजह से कोई टैलेंट न छूटे
ऑनलाइन डेस्क, 21 नवंबर, 2025: असली टैलेंट को आगे बढ़ाने और हायर एजुकेशन पाने के रास्ते में पैसे की कमी आड़े नहीं आनी चाहिए। इसी मकसद से, चीफ मिनिस्टर स्कॉलरशिप फॉर अचीवर्स टूवर्ड्स हायर लर्निंग (CM-SAT) स्कीम शुरू की गई है। इस स्कीम का मुख्य मकसद टैलेंटेड लेकिन पैसे की कमी वाले स्टूडेंट्स को सरकारी मदद से हायर एजुकेशन पाने का मौका देना है। मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने आज रवींद्र शताब्दी भवन में स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट की तरफ से आयोजित CM-SAT प्रोग्राम का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार काम के ज़रिए लोगों का भरोसा जीतने में यकीन रखती है। यह सरकार लोगों के हित में बताए गए कामों को लागू करने के लिए ईमानदारी से कोशिश कर रही है। यह सरकार चाहती है कि पैसे की कमी की वजह से कोई टैलेंट न छूटे। इसी विजन को लागू करने के लिए CM-SAT स्कीम शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार की CM-SAT योजना से छात्रों की सभी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। लेकिन यह योजना छात्रों को अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। इससे कॉम्पिटिटिव सोच विकसित करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि शिक्षा ही मानव जाति की मुख्य ताकत है।
इससे व्यक्ति का अपना विकास और आत्मनिर्भरता विकसित होती है। देश का असली विकास शिक्षा से ही होता है। जो जितना शिक्षित होगा, समाज में उसकी उतनी ही अधिक कद्र होगी। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का जिक्र किया और कहा कि युवा भारत का भविष्य हैं। अगर उन्हें सही और अच्छी शिक्षा दी जाए, तभी देश बेहतरी की ओर बढ़ सकता है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी शुरू की है। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी में सोच, चेतना, स्किल, नए विचार, पैसे की तंगी में भी शिक्षा जारी रखना, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता, देशभक्ति आदि सभी मुद्दों पर जोर दिया गया है।







