
राज्य सरकार का लक्ष्य गाँव और शहर के हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना है: समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री
प्रगति त्रिपुरा, 17 नवंबर, 2025: सरकार राज्य के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए एक ठोस नीति अपनाना चाहती है। इस संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। राज्य सरकार इस बात के लिए सजग है कि राज्य के लोग किसी भी परिस्थिति में अपने उचित लाभ से वंचित न रहें। मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने आज सचिवालय स्थित सभाकक्ष में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा बैठक में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य गाँव और शहर के हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना है। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच समन्वय बनाए रखा जाना चाहिए। इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए कि पानी की किसी भी तरह से बर्बादी न हो। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य पहाड़ी और मैदानी दोनों है। ऐसे में हर जगह जल स्तर एक जैसा नहीं होता।
विभाग के संबंधित पदाधिकारी विशेष स्थानों पर वर्षा जल को संरक्षित कर पेयजल के रूप में उपयोग करने की पहल करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल के महत्व को समझते हुए प्रधानमंत्री ने विभिन्न प्रयोजनों के लिए इसका उपयोग करने हेतु अमृत सरोवर परियोजना की शुरुआत की है। आज इस परियोजना से लोग विभिन्न प्रकार से लाभान्वित हो रहे हैं। समीक्षा बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मुख्य अभियंता एके दास ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक 6,22,258 घरों में पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। इस संबंध में प्राप्त सभी शिकायतों की समुचित जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से 1814 शिकायतें प्राप्त हुईं। जिसमें से 1813 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। अमर सरकार पोर्टल के माध्यम से 62,174 समस्याएं उठाई गईं। जिसमें से अब तक 60,662 समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। समस्याओं का शत-प्रतिशत समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव अभिषेक सिंह और कृषि विभाग के सचिव अपूर्व रॉय ने भी विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधीक्षण अभियंता और कार्यपालक अभियंता उपस्थित थे।







