
विज्ञा में रिया-गच्छारा सूत वितरण समारोह, इस सरकार ने राज्य के आदिवासी समुदाय को उनका उचित सम्मान लौटाया है: मुख्यमंत्री
ऑनलाइन डेस्क, 8 नवंबर, 2025: वर्तमान राज्य सरकार आदिवासी समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए अथक प्रयास कर रही है। सरकार समाज के हाशिए पर पड़े समुदायों के विकास को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न समयबद्ध परियोजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है।
आज गोमती जिले के किला स्थित दशरथदेव स्मारक अंग्रेजी माध्यम मॉडल हाई स्कूल के परिसर में आदिवासी महिलाओं के बीच रिया और पचहरा सूत वितरण समारोह का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री प्रोफेसर माणिक साहा ने 20 आदिवासी महिलाओं को सूत सौंपते हुए यह बात कही। समारोह में मुख्यमंत्री (दो) ने प्रतीकात्मक रूप से सूत सौंपा। समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सबका साथ, सबका विकास’ नीति को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार समग्र विकास के पथ पर आगे बढ़ रही है। राज्य में लगभग 4 लाख 80 हज़ार महिलाएं अब विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जिनमें आदिवासी महिलाओं की संख्या भी अच्छी-खासी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस सरकार ने राज्य के आदिवासी समुदाय को उनका उचित सम्मान वापस दिलाया है। अगरतला हवाई अड्डे का नाम महाराजा बीर बिक्रम माणिक्य के नाम पर रखा गया है। बारामुरा पहाड़ी का नाम हाटाइकटर और गंदाछारा का नाम गंडातुईसा रखा गया है। गरिया पूजा के दौरान अब दो दिन की सरकारी छुट्टी दी जाती है। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में केवल 4 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 219 हो गई है। जनजातीय विकास योजना के तहत 325 लाभार्थियों को 25-25 हज़ार रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
साथ ही, आदिवासी छात्रों की छात्रवृत्ति 400 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समुदाय की संस्कृति, विरासत और परंपरा हमारा गौरव है। राज्य सरकार इस परंपरा के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर पहल कर रही है। उन्होंने राज्य के विकास की गति को और तेज करने के लिए सभी समुदायों के बीच एकता और एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर बोलते हुए, आदिवासी कल्याण मंत्री विकास देबबर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार ने आदिवासियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका के क्षेत्र में वास्तविक प्रगति की है। उन्होंने कहा कि आदिवासी महिलाओं को आत्मनिर्भरता के पथ पर आगे ले जाने के लिए इस तरह की पहल बहुत महत्वपूर्ण हैं।
राज्यसभा सांसद राजीव भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए बजट का लगभग 39 प्रतिशत आवंटित किया है। विधायक रामपद जमातिया ने भी इस अवसर पर बात की। कार्यक्रम की अध्यक्षता किला ब्लॉक सलाहकार समिति के अध्यक्ष बागान हरि मालसम ने की। हथकरघा, हस्तशिल्प और रेशम उत्पादन विभाग के निदेशक अजीत शुक्लादास ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर गोमती जिले की जिलाधिकारी रिंकू लेगर, सामाजिक कार्यकर्ता सविता नाग और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।







