
शिक्षक न केवल छात्रों को पढ़ाते हैं, बल्कि उनके जीवन को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं: पर्यटन मंत्री
ऑनलाइन डेस्क, 6 सितंबर, 2025: शिक्षक लोगों को आकार देने में मुख्य शिल्पी होते हैं। वे उचित ज्ञान और चरित्र निर्माण के माध्यम से छात्रों का भविष्य निर्धारित करते हैं। पर्यटन मंत्री सुशांत चौधरी ने आज 64वें शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में जिरानिया अनुमंडल के मोहनपुर स्थित गुरुकुल सामुदायिक भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपने भाषण में यह बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षक न केवल छात्रों को पढ़ाते हैं, बल्कि उनके जीवन को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि सच्ची शिक्षा लोगों को विनम्र बनाती है। उन्होंने शिक्षकों से छात्रों में प्रतिस्पर्धी मानसिकता विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि प्रतिस्पर्धी मानसिकता विकसित की जाए, तो वे भविष्य में विभिन्न व्यावसायिक परीक्षाओं को सम्मान के साथ उत्तीर्ण कर सकेंगे। उन्होंने शिक्षकों से छात्रों को नशे की लत से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ तन और मन से ही सफलता के शिखर पर पहुँचना संभव है।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि राज्य की वर्तमान सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए अथक प्रयास कर रही है। स्कूलों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी पल्लब कांति साहा ने भी संबोधित किया। जिरानिया स्कूल इंस्पेक्टर पंकज दलाल ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में दस पूर्व और कार्यरत शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिरानिया पंचायत समिति के अध्यक्ष प्रीतम देबनाथ, जिरानिया नगर पंचायत के अध्यक्ष रतन कुमार दास, जिरानिया उपजिला प्रशासक अनिमेष धर, जिरानिया बीडीओ तुषार आलम, वरिष्ठ पूर्व शिक्षक पूर्णचंद्र सरकार, समाजसेवी रंजीत रॉय चौधरी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।







