
नववर्ष की पूर्वसंध्या पर आयोजित समारोह में बोले मुख्यमंत्री, संस्कृति हमारा आभूषण है
ऑनलाइन डेस्क, 16 अप्रैल 2025: राज्य सरकार ने राज्य की मिश्रित संस्कृति के अभ्यास, प्रचार और विस्तार के लिए अपने निरंतर प्रयास जारी रखे हैं। राज्य-आधारित जात्रा महोत्सव, रंगमंच महोत्सव, कला एवं शिल्प महोत्सव के आयोजन के माध्यम से राज्य की संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने कल महारानी तुलसीवती बालिका विद्यालय में सांस्कृतिक संगठन काव्यालोक द्वारा आयोजित नववर्ष एवं नववर्ष की पूर्वसंध्या समारोह में यह बात कही। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘संस्कृति हमारा आभूषण है।’’ इस आभूषण को सजाना आवश्यक है।
राज्य के आदिवासी समुदायों की अपनी संस्कृति के साथ-साथ अन्य समुदायों की संस्कृति भी है। मुख्यमंत्री ने इस मिश्रित संस्कृति के निरन्तर प्रचलन और संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस कार्यक्रम में राज्य के लोगों को नववर्ष की बधाई और शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कबालोक द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले कलाकारों की जमकर प्रशंसा की। कार्यक्रम में काव्यलोक की ओर से मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।








