
तीन दिवसीय ब्रह्मकुंड मेला एवं प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों से न केवल प्रदेश की खूबसूरती बढ़ रही है, बल्कि पर्यटन उद्योग भी विकसित हो रहा है
ऑनलाइन डेस्क, 4 अप्रैल, 2025: विभिन्न जातीय और जनजातीय पृष्ठभूमि के लोगों की संस्कृतियों का अद्भुत मिश्रण विभिन्न मेलों के माध्यम से उभरता है। वर्तमान राज्य सरकार ने इन मेलों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने आज दोपहर मोहनपुर अनुमंडल प्रशासन, सूचना एवं संस्कृति विभाग तथा ब्रह्मकुंड मेला समिति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ब्रह्मकुंड मेला एवं प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।
उन्होंने कहा कि मेले का मतलब देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों का एकत्र होना है। राज्य में विभिन्न पारंपरिक मेलों के विकास के माध्यम से एक त्रिपुरा, एक बेहतर त्रिपुरा का निर्माण किया जा सकता है। राज्य की पारंपरिक संस्कृति और विरासत को विकसित और समृद्ध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उन सभी क्षेत्रों के विकास को विशेष महत्व दिया है जहां विभिन्न मेले आयोजित किए जाते हैं। राजौरी की न केवल सुंदरता बढ़ रही है, बल्कि धार्मिक स्थलों के आसपास केंद्रित पर्यटन उद्योग भी विकसित हो रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी धार्मिक स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन के बाद, त्रिपुरा में विभिन्न धार्मिक स्थलों के विकास को भी विशेष महत्व दिया गया है। राज्य की एकता और एकजुटता बनाए रखने के महत्व पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार जनता की सरकार है। लोगों के कल्याण के लिए विभिन्न परियोजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। लोग इनका लाभ उठा रहे हैं।
अपने स्वागत भाषण में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री ब्रिसकेतु देबबर्मा ने सभी से शांति एवं व्यवस्था बनाए रखते हुए तीन दिवसीय मेले का आनंद लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ब्रह्मकुंड मेला राज्य का पारंपरिक मेला है। इस मेला परिसर के आसपास 14 करोड़ टका की लागत की विकास परियोजना शुरू की गई है। उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष से काम शुरू हो जाएगा। पश्चिमी त्रिपुरा जिले के जिला मजिस्ट्रेट डॉ. ने कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन किया।
विशाल कुमार. इस समारोह में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों में पश्चिम त्रिपुरा जिला परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष विश्वजीत शील, त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद के कार्यकारी सदस्य रवींद्र देबबर्मा, हेजामारा बीएसी के अध्यक्ष सुनील देबबर्मा, मोहनपुर पंचायत समिति के अध्यक्ष राकेश देब, पश्चिम त्रिपुरा जिला परिषद के सदस्य जयलाल दास, त्रिपुरा चाय विकास निगम के अध्यक्ष समीर रंजन घोष, सूचना एवं संस्कृति विभाग के निदेशक बिंबिसार भट्टाचार्य और मोहनपुर उपमंडल के उप-मंडल प्रशासक सुभाष दत्ता आदि शामिल थे। उद्घाटन समारोह के बाद मुख्यमंत्री और अतिथियों ने मेला प्रांगण का भ्रमण किया।








