♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

दाता मंत्रालय की उच्च स्तरीय टास्क फोर्स की तैयारी बैठक: राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं: मुख्यमंत्री

ऑनलाइन डेस्क, 2 अप्रैल 2025: राज्य की संचार प्रणाली के विकास से निवेश की काफी संभावनाएं पैदा हुई हैं। राज्य में रबर, अगर, अनानास और बांस आधारित उद्योग स्थापित करने के लिए निवेशकों को आकर्षित करने की आवश्यकता है। इसलिए निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रचार पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने आज सचिवालय के सम्मेलन कक्ष संख्या 2 में पूर्वोत्तर भारत में निवेश को बढ़ावा देने के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डोनर) के उच्च स्तरीय टास्क फोर्स की तैयारी बैठक में यह बात कही।

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की काफी संभावनाएं हैं। इस मामले में प्रत्येक विभाग को एक योजना अपनाकर काम करना होगा। राज्य सरकार ने निवेशकों की सुविधा के लिए भूमि सुधार सहित व्यापार में आसानी पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि राज्य में पर्यटन क्षेत्र में निवेश की भरपूर संभावनाएं हैं। पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए प्रचार एवं विस्तार पर जोर दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, निवेशकों को राज्य में उपलब्ध सभी निवेश अवसरों के बारे में पता होना चाहिए।

हाल ही में राज्य सरकार ने कई निवेश कम्पनियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं। भले ही किसी निवेश कंपनी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हो गए हों, फिर भी उसके कार्यान्वयन पर जोर दिया जाना चाहिए। बैठक में मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा और विभिन्न विभागों के सचिवों ने राज्य में निवेश के विभिन्न क्षेत्रों पर प्रकाश डाला। तैयारी बैठक में सुशासन विभाग की सचिव किरण गीते ने एक सचित्र रिपोर्ट के माध्यम से पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों में निवेश की संभावनाओं के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।

उल्लेखनीय है कि इस उच्च स्तरीय टास्क फोर्स के गठन का निर्णय 21 दिसंबर, 2024 को अगरतला में आयोजित पूर्वोत्तर क्षेत्रीय परिषद की 72वीं पूर्ण बैठक में लिया गया था। मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ) माणिक साहा इस टास्क फोर्स के संयोजक हैं। यह टास्क फोर्स सितंबर तक पूर्वोत्तर क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए रोडमैप तैयार कर संबंधित मंत्रालय को सौंपेगी।

इस रोडमैप में पूर्वोत्तर राज्यों में निवेश का माहौल, बुनियादी ढांचे का आकलन, कृषि, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, आईटी, नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र को पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना, साथ ही पीपीपी मॉडल पर जोर देना शामिल है। इसके अलावा, इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए नीति सुधार सिफारिशें और क्षेत्रीय विकास योजनाओं के कार्यान्वयन जैसे कदम उठाए जाएंगे।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129