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स्वयं सहायता समूहों की 94,723 महिलाएं बनीं करोड़पति: समाज कल्याण मंत्री

ऑनलाइन डेस्क, 1 अप्रैल 2025: राज्य सरकार ‘महिला सशक्तिकरण के लिए त्रिपुरा राज्य नीति’ तैयार करके महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न कदम उठा रही है। समाज कल्याण एवं सामाजिक शिक्षा मंत्री टिंकू रॉय ने आज विधानसभा में विधायक पिनाकी दास चौधरी द्वारा लाए गए निजी क्षेत्र के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान यह बात कही।

गैर-बाध्यकारी प्रस्ताव है ‘यह बैठक त्रिपुरा सरकार से अनुरोध करती है कि वह त्रिपुरा राज्य में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनके सशक्तिकरण की दिशा में अधिक प्रभावी कदम उठाए।’ प्रस्ताव उठाने के बाद हुई चर्चा में विधायक पिनाकी दास चौधरी ने महिला सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई विभिन्न परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार को धन्यवाद दिया।

समाज कल्याण मंत्री ने निजी प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए बताया कि राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है। इसके अलावा, विभिन्न सरकारी बाजार स्टालों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्सों में 50 प्रतिशत स्टाल महिलाओं के लिए आवंटित किए जा रहे हैं। परिणामस्वरूप, महिलाएं व्यवसाय की ओर अधिकाधिक आकर्षित हो रही हैं।

राज्य भर में कुल 1,77,987 महिलाओं और लड़कियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत लाया गया है। कौशल विकास और रोजगार के लिए समाज कल्याण और सामाजिक शिक्षा विभाग द्वारा 45 चयनित महिलाओं और लड़कियों को ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया गया है। मुख्यमंत्री मातृ पोषण उपहार योजना के तहत 21,551 महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 1,42,759 महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है।

समाज कल्याण मंत्री ने आगे बताया कि वर्तमान में राज्य में 20,118 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं कार्यरत हैं। पिछले दो वित्तीय वर्षों में आंगनवाड़ी में 2,199 लोगों को रोजगार मिला है। त्रिपुरा शहरी आजीविका मिशन के तहत 5,895 स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं। उन्हें 98.72 करोड़ टका का ऋण दिया गया है।

त्रिपुरा ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 52,902 स्वयं सहायता समूह गठित किए गए हैं। इस स्वयं सहायता समूह से 4,75,582 ग्रामीण महिलाएं जुड़ी हुई हैं। अब तक उन्हें 740 करोड़ 43 लाख टका की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 1,539 करोड़ टका वरिष्ठ ऋण के रूप में दिए गए हैं। फरवरी 2025 तक 94,723 महिलाएं करोड़पति बन चुकी होंगी। 93,425 और महिलाओं को करोड़पति बनाने की योजना पर काम चल रहा है।

अब तक स्वयं सहायता समूहों की 278,765 महिलाओं को कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में सहायता प्रदान की गई है। समाज कल्याण मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य भर में 10 कामकाजी महिला छात्रावास स्थापित करने के लिए 114 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। समाज कल्याण एवं सामाजिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय महिला आश्रम की दो छात्राओं को अस्पताल प्रबंधन में उच्च शिक्षा के लिए सहायता प्रदान की गई है। बाद में बैठक में निजी प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।

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