
राज्य में सभी राशन कार्डों को पीवीसी कार्ड में बदलने का काम तेजी से चल रहा है: खाद्य मंत्री
ऑनलाइन डेस्क, 25 मार्च, 2025. . राज्य में सभी राशन कार्डों को स्मार्ट कार्ड की तरह पीवीसी कार्ड में बदलने का काम तेजी से चल रहा है। यह कार्ड सबसे पहले अगरतला नगर निगम क्षेत्र में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर वितरित किया जाएगा। इसके लिए 150,000 कार्ड पहले ही तैयार किये जा चुके हैं। ये कार्ड अगले महीने उपभोक्ताओं को वितरित कर दिए जाएंगे।
खाद्य, सार्वजनिक खरीद एवं उपभोक्ता मामले मंत्री सुशांत चौधरी ने आज राज्य विधानसभा में संदर्भ अवधि के दौरान विधायक नंदिता रियांग द्वारा लाए गए एक तत्काल जनहित नोटिस पर बोलते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य में 2,000 से अधिक उचित मूल्य की दुकानें हैं। इनका डिजिटलीकरण पहले ही हो चुका है। राशन की दुकानों पर डिजिटलीकरण के बाद उपभोक्ताओं के लिए पुराने राशन कार्डों को पीवीसी कार्डों से बदलने की पहल की गई है।
इसी कारण इस वर्ष 31 मार्च तक उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन यह काम उतनी तेजी से नहीं हो रहा है जितनी तेजी से होना चाहिए, क्योंकि इस मुद्दे पर अभी तक आबादी के सभी वर्गों में जागरूकता पैदा नहीं हो पाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या विशेष रूप से गंभीर है। यहां तक कि शहरी क्षेत्रों में भी ई-केवाईसी बनाने की प्रक्रिया में बाधा आ रही है, क्योंकि सभी उपभोक्ता राज्य में नहीं हैं। राशन डीलर उपभोक्ताओं से बातचीत कर समस्या का समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं।
खाद्य मंत्री ने कहा कि राज्य की वर्तमान सरकार अपने सभी कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास कर रही है। यहां भी एक राष्ट्र एक राशन कार्ड प्रणाली शुरू की गई है। राज्य में 1 लाख 83 हजार राशन कार्ड हैं। इन सभी को पीवीसी कार्ड में परिवर्तित किया जाएगा। 31 मार्च तक ई-केवाईसी पूरा करने वाले उपभोक्ताओं का प्रतिशत देखने के बाद यदि आवश्यक हुआ तो केवाईसी की समय सीमा बढ़ा दी जाएगी।








