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विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी क्षेत्रों में अधिक रुचि लेनी होगी: विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री

ऑनलाइन डेस्क, 28 फरवरी, 2025: विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग में अधिक रुचि लेनी होगी। राज्य में विद्यार्थियों को विभिन्न नवीन विज्ञान-आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से तकनीकी विषयों में अधिक रुचि पैदा की जानी चाहिए। तभी विज्ञान अधिक लोकप्रिय हो सकेगा। विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण मंत्री अनिमेष देबबर्मा ने आज सुकांता अकादमी में ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस-2025’ कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।

इस वर्ष के राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का मुख्य विषय है ‘विकसित भारत के निर्माण के लिए विज्ञान और नवाचार में विश्व का नेतृत्व करने हेतु भारतीय युवाओं को सशक्त बनाना’। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण मंत्री अनिमेष देबबर्मा ने कहा, “वैज्ञानिक डॉ. सी. वी. रमन को रमन प्रभाव की खोज के लिए 1930 में नोबेल पुरस्कार मिला। उनकी याद में हर साल 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है।

कार्यक्रम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग को आम जनता की आवश्यकताओं पर विचार करना चाहिए तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के बारे में जन जागरूकता पैदा करनी चाहिए। छात्रों को नवीन ऊर्जा पर नए वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, प्रौद्योगिकी दिन-प्रतिदिन बदल रही है। हमें इसके अनुरूप आगे बढ़ना होगा।

युवाओं को सशक्त बनाने के लिए उनकी विज्ञान शिक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कोई भी देश और राष्ट्र विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बिना प्रगति नहीं कर सकता। इसलिए, प्रोफेसरों, व्याख्याताओं और शिक्षकों को छात्रों को विज्ञान अध्ययन के लिए प्रेरित करना चाहिए। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग के सचिव आर.के.शशिकुमार ने कहा कि विकसित भारत के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का विकास आवश्यक है। इस लक्ष्य के लिए वर्तमान पीढ़ी को नवीन सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग के निदेशक महेंद्र सिंह ने स्वागत भाषण दिया।

उद्घाटन समारोह के बाद, प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. अविनाश चौहान, एनआईटी प्रोफेसर मृणाल कांति देबबर्मा और टेक्नो कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. तकनीकी सत्र में डॉ. शाओली बर्धन ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर विस्तार से चर्चा की। इस कार्यक्रम के एक भाग के रूप में, त्रिपुरा राज्य के विभिन्न तकनीकी कॉलेजों के छात्रों ने सुकांता अकादमी परिसर में इस विषय पर विभिन्न विज्ञान मॉडल प्रदर्शित किए। सुकांता अकादमी विज्ञान, कला एवं संस्कृति सभागार के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी भवतोष दत्ता ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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