
त्रिपुरा विश्वविद्यालय में नौकरी के लिए परीक्षा देने पर 7 लोग गिरफ्तार
ऑनलाइन डेस्क, 17 फरवरी, 2025: त्रिपुरा विश्वविद्यालय में रविवार को एलडीसी और एमटीएस नौकरी की परीक्षा देते समय सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। अमताली थाने की पुलिस गिरफ्तार लोगों को अदालत ले गई। त्रिपुरा विश्वविद्यालय में एलडीसी और एमटीएस परीक्षा में पांच लोगों पर अनुचित साधनों का प्रयोग करने का आरोप लगाया गया है।
दूसरी ओर, परीक्षार्थियों की ओर से दो लोग परीक्षा देने बैठ गए। पुलिस उन सभी को अदालत में ले गई। बताया जा रहा है कि रविवार को त्रिपुरा विश्वविद्यालय के हॉल में एलडीसी और एमटीएस की परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा हॉल की तलाशी का जिम्मा विश्वविद्यालय के शिक्षकों को सौंपा गया था। परीक्षा के दौरान जब शिक्षक अभ्यर्थियों की तलाशी ले रहे थे तो कई अभ्यर्थी बेईमानी करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए।
इनमें पश्चिम बंगाल से मृण्मय बिस्वास, लिटन बिस्वास, मिटन मंडल, हरियाणा से राजबीर सिंह और राहुल कुमार शामिल हैं। शिक्षकों ने पाया कि वे अपने जूतों के अंदर मोबाइल फोन छिपाते हैं और ब्लूटूथ के माध्यम से परीक्षा में नकल करते हैं। शिक्षकों ने तुरंत उनकी उत्तर पुस्तिकाएं ले लीं और उन्हें इस वर्ष की परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया। उस दिन जब शिक्षक परीक्षा हॉल की तलाशी लेने गए तो उन्होंने पाया कि परीक्षा देने आए दोनों अभ्यर्थी रजिस्ट्रेशन में दर्ज दो अभ्यर्थियों से मेल नहीं खाते थे।
जब शिक्षकों ने बिहार के पंकज कुमार और राजस्थान के रामबीर मीना से पूछताछ की तो उन्होंने स्वीकार किया कि वे अन्य अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने आए थे। अधिकारियों ने तुरंत उनकी उत्तर पुस्तिकाएं जब्त कर लीं। रविवार रात को त्रिपुरा विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने उन्हें अमताली पुलिस थाने को सौंप दिया। त्रिपुरा विश्वविद्यालय द्वारा अमताली पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ लिखित मामला दर्ज कराया गया।
आमतली थाना पुलिस ने रविवार रात आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। सोमवार दोपहर पुलिस ने आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए अदालत में पेश किया। आमटाली थाना प्रभारी हिमाद्री सरकार ने सोमवार दोपहर पत्रकारों को संबोधित करते हुए विस्तृत जानकारी दी। हालांकि, त्रिपुरा विश्वविद्यालय के अधिकारियों और परीक्षार्थियों का मानना है कि त्रिपुरा विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के दौरान ऐसी घटनाएं एक खास समूह द्वारा प्रायोजित हैं। हालांकि सभी का मानना है कि आमतली थाना पुलिस जांच के जरिए इस गिरोह के मुख्य सरगना को पकड़ने में सफल रहेगी।







