
सड़क किनारे जंगल से नवजात बच्ची को बचाया गया
ऑनलाइन डेस्क, 17 फरवरी, 2025: सबसे अच्छे लोग बाघ होने के लिए बहुत भाग्यशाली हैं, लोमड़ी नहीं। लेकिन, कभी-कभी ऐसा लगता है कि बाघ और लोमड़ी इंसानों से बेहतर हैं। क्योंकि जब एक खूंखार बाघिन बच्चे को जन्म देती है तो वह अपने बच्चे को नहीं छोड़ती। फिर भी हमारे आस-पास कुछ गैर-मानव बच्चे पैदा करते हैं और उन्हें इस तरह जंगल में फेंक देते हैं।
इसलिए लोगों में से मानवता खत्म होती जा रही है। पानीसागर अनुमंडल अंतर्गत जलाबासा ग्राम पंचायत के वार्ड संख्या छह में घटी यह घटना आज एक उदाहरण बन गई। उत्तर त्रिपुरा जिले के पानीसागर उपखंड के अंतर्गत जलाबासा ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर 6 में एक नवजात बच्ची को उसके परिवार ने सड़क के किनारे छोड़ दिया।
सोमवार को सुबह करीब साढ़े नौ बजे एक स्थानीय महिला ने नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनी और आगे जाकर देखा तो सड़क के किनारे झाड़ियों में एक नवजात शिशु पड़ा हुआ था। बच्चे के शरीर के चारों ओर चींटियों का झुंड भिनभिना रहा है। इसके बाद उन्होंने आसपास के लोगों को बुलाया और पानीसागर फायर स्टेशन को सूचना दी।
खबर मिलने पर अग्निशमन कर्मियों ने नवजात शिशु को बचाया और उसे जलाबासा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां फिलहाल वह स्वस्थ है। इस बीच, खबर मिलने पर बाल संरक्षण टीम अस्पताल पहुंची और बताया कि बच्चे की शारीरिक स्थिति खराब है। उन्होंने कहा कि इसलिए बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया।








