
टीजीटी नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थी एक बार फिर मुख्यमंत्री आवास के सामने एकत्रित हुए
ऑनलाइन डेस्क, 10 फरवरी, 2025: मुख्यमंत्री में मानवीय दृष्टिकोण का घोर अभाव। जिसके कारण पिछले तीन वर्षों से एसटीजीटी भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। यह आरोप 2022 एसटीजीटी नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों ने लगाया, जिन्होंने सोमवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। उन्होंने आज दावा किया कि सरकार तीन वर्षों से उनकी नौकरियां रोके हुए है।
वे दिन-प्रतिदिन बड़ी उम्मीदों के साथ बैठे रहते हैं। राज्य के मुख्यमंत्री ने कुछ दिन पहले एक कार्यक्रम में दावा किया था कि एसटीजीटी मुद्दे पर कानूनी कार्यवाही चल रही है। लेकिन अभी तक नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए ऐसी कोई खबर नहीं है। फिर भी उनकी मुख्यमंत्री से एक ही मांग है कि राज्य सरकार परीक्षा पास करने वाले सभी लोगों को जल्द से जल्द नौकरी पर रखे। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे कई बार राज्य के मुख्यमंत्री से संपर्क कर चुके हैं।
उन्होंने आश्वासन दिया कि नियुक्तियां शीघ्र की जाएंगी। लेकिन विधानसभा चुनाव के कारण भर्ती प्रक्रिया में देरी हुई। तब से सरकार ने भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का कोई संकेत नहीं दिया है। उन्होंने चिंता व्यक्त की और कहा कि चूंकि मुख्यमंत्री शिक्षा मंत्री हैं, इसलिए वे बार-बार मुख्यमंत्री से मिलने आते हैं। हालांकि, पुलिस ने उन्हें लोकनाथ मंदिर से सटे इलाके में रोक दिया। उन्होंने यह भी कहा कि रिक्त पदों की बड़ी संख्या के बावजूद एसटीजीटी की भर्ती में कठिनाई उन्हें समझ में नहीं आती।
फिर भी यह सरकार दावा करती है कि सरकार शिक्षा क्षेत्र को सबसे अधिक महत्व दे रही है। तो फिर देश की रीढ़ सड़कों पर क्यों है? वे सोचते हैं कि स्कूल में रहना जरूरी है। इसी बीच पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बावजूद उन्होंने कहा कि चूंकि मुख्यमंत्री और विभाग के मंत्री डॉ. माणिक साहा हैं, इसलिए वे बार-बार आएंगे।








